नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में सभी दल चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं. भाजपा और सपा जैसे दल अपने अपने पक्ष को मज़बूत करने में लगे हैं. वहीं दूसरी ओर छोटे दल भी किसी न किसी बड़ी पार्टी से गठबंधन करने की कोशिश में लगे हुए हैं. ख़बर है कि भारतीय जनता पार्टी अपने सहयोगी दलों को एकजुट करने के प्रयास में जुट गई है।

इसी क्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल से गुरुवार को दिल्ली में मुलाकात की। सूत्रों की मानें तो इस मुलाकात के दौरान अनुप्रिया पटेल ने प्रदेश की कैबिनेट में दो मंत्री पद की मांग की है। इसके साथ ही अमित शाह और हाल ही में भाजपा में शामिल हुए पूर्व आईएएस अधिकारी एके शर्मा ने निषाद समाज के नेता डॉक्टर संजय कुमार निषाद और संत कबीर नगर के सांसद प्रवीण निषाद से भी मुलाकात की।

इन दलों के साथ भारतीय जनता पार्टी ने 2014 में गठबंधन किया था। उस वक्त प्रदेश में भाजपा को 80 में से 71 लोकसभा सीटों पर जीत मिली थी। अपना दल ने भी चुनाव में दो सीटों पर जीत दर्ज करके प्रदेश में अपनी पकड़ को मजबूत किया था। वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा ने अकेले ही प्रदेश में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया था। अपना दल ने प्रदेश में 9 सीटें जीती थी।

कुछ दिन पहले अनुप्रिया पटेल ने यूपी भाजपा के चीफ स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात की थी और उनसे जिला पंचायत चुनावों पर चर्चा की थी। दरअसल अपना दल जिला पंजाब चुनाव में कुछ जिलों में अध्यक्ष पद चाहती है, जिसमे मिर्जापुर और बांदा भी शामिल हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अपने स्थानीय साथियों को भाजपा एक बार फिर से करीब लाना चाहती है।
Yogi AdityaNath
यही वजह है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दिल्ली में मौजूद हैं और अन्य दलों के नेताओं के अलावा शीर्ष नेतृत्व योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर रहा है। दरअसल हाल ही में पार्टी को जो फीडबैक मिला है उसके अुसार सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री सभी को साथ लेकर चलने में सफल नहीं हुए हैं। गौर करने वाली बात है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अपना दल ने धमकी दी थी कि वह भाजपा का साथ छोड़ देगी क्योंकि पार्टी सहयोगी दलों का खयाल नहीं रखती है। अनुप्रिया पटेल ने कहा था कि पार्टी अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है।

उस वक्त भी अपना दल ने इशारा किया था कि इसकी मुख्य वजह मुख्यमंत्री हैं। अनुप्रिया पटेल के पति और पार्टी के नेता आशीष पटेल ने कहा था कि प्रदेश भाजपा नेतृत्व हमे सम्मान नहीं दे रहा है जिसके हम हकदार हैं। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके अलावा भाजपा ओम प्रकाश राजभर ने भी मई 2019 में भाजपा का साथ छोड़ दिया था। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने कई दलों के साथ गठबंधन किया था। इन दलों ने पार्टी को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

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