आप सभी जानते है की कांग्रेस सत्ता में वापस आने के लिए पूरी दमखम लगा रही है भाजपा की जीत को देखते हुए कांग्रेस हर वह चाल चल रही है जिससे वह सत्ता पा सके, मध्य-प्रदेश की राजनीति में भी भाजपा और कांग्रेस में ठानी हुई है मध्य-प्रदेश में जहा भाजपा ने अपनी सरकार बना रक्खी है वही कांग्रेस उसको गिराने की पूरी कोशिश कर रही है ,मध्यप्रदेश में भले ही भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा उपचुनाव में बहुमत हासिल कर अध्यक्षता को बरकरार रखा हो। लेकिन इसी बीच राज्य में कांग्रेस और भाजपा के बीच तनातनी देखने को मिल रही है। बीते साल राज्य से कमलनाथ की सरकार को गिरा कर शिवराज सिंह की सरकार ने दोबारा दस्तक दी थी दरअसल इसके पीछे सबसे बड़ी वजह पूर्व कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को माना जाता है।

जब उन्होंने कांग्रेस को छोड़कर अपने कुछ समर्थकों समेत भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली थी तो इसके बाद कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आ गई थी। कई सिंधिया समर्थक अब एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के निशाने पर हैं।मध्यप्रदेश बीजेपी के लिए बुरी खबर है। जिस तरह से सियासी बिसात बिछा कर बीजेपी ने एमपी की कमलनाथ सरकार गिराई अब उसी तर्ज पर कांग्रेस ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है।

सियासी गलियारों में अटकलें है कि बहुत जल्द बीजेपी के दो दर्जन से ज्यादा विधायक पार्टी छोड़ देंगे और कांग्रेस का हिस्सा बन जाएंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने ये दावा किया है । आपको बता दें कि अपने ब’ड़बो’लेपन और वि’वा’दित बयानों के लिए जाने जाते हैं। इस बार भाजपा पर ह’मलावर होते हुए कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि अगर विधानसभा सत्र चालू होता तो सत्र के दौरान तीस से ज्यादा बीजेपी विधायक पार्टी छोड़ देते।

कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा का ये भी दावा है कि सरकार गि’रने के ड’र से ही बीजेपी विधानसभा सत्र को टाल रही है। हालांकि सज्जन के इस बयान के बाद से अब तक बीजेपी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। दरअसल यह अटकलें बीते काफी समय से लग रही है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच एक बार फिर से टक्कर देखने को मिल सकती है। जिस तरह से कमलनाथ की सरकार को अल्पमत में लाया गया था। जल्दी ही ऐसा शिवराज सिंह के साथ भी हो सकता है।

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