लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपना अलग दम रखने वाली समाजवादी पार्टी पिछले कुछ वर्षों से मुश्किल में है. मुलायम सिंह यादव का प्रभाव जबसे पार्टी पर ख़त्म हुआ है, पार्टी किसी न किसी मुश्किल में रहती है. पहले तो पारिवारिक वि’वाद ने पार्टी का बड़ा नुक़सान कराया और अब पार्टी के कुछ नेताओं को लगातार क़ा’नून के दाँव-पेंच से उलझना पड़ रहा है. सपा के मुस्लिम चेहरे के तौर से विख्यात सांसद आज़म ख़ान और उनके परिवार पर भी कुछ इसी तरह का सं’कट है.

आज़म के ऊपर कई मुक़दमे दर्ज हुए हैं. अब ख़बर है कि आज़म की पत्नी और उनके बेटे को छो”ड़ने का आदेश आ चुका है जबकि आज़म को अभी जेल में रहना होगा. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनके परिवार को ज़मानत दे दी है. आज़म को ज़मानत दिए जाने के सिलसिले में अदालत ने कहा कि पहले शि’कायतकर्ता का बयान दर्ज हो जाए उसके बाद उन्हें ज़मानत दी जा सकती है. अदालत ने कहा है कि रिहा होने के बाद आरोपी किसी तरह की ग़ैर-क़ानूनी एक्टिविटी में न इन्वोल्व हों.

माना जा रहा है कि आज शाम तक आज़म की पत्नी ताज़ीन फ़ातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म की रिहाई हो जायेगी. कोर्ट ने विचारण न्यायालय अलीगढ़ से कोर्ट खुलने पर तीन माह के भीतर शिकाय’तकर्ता का बयान दर्ज करने की अपेक्षा की है। यह आदेश न्यायमूॢत सिद्धार्थ ने डॉ. तंजीन फातिमा, मोहम्मद आजम खां व मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खां की जमानत अॢजयों को निस्तारित करते हुए दिया है।

याचियों के खिलाफ भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने रामपुर के गंज थाने में धो’खाध’ड़ी के आ’रोप में प्राथमिकी दर्ज करायी है। आजम खां व तंजीन फातिमा पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर अपने बेटे की दो जन्म तारीख प्रमाणपत्र बनवाया है। एक नगर पालिका परिषद रामपुर व दूसरा नगर निगम लखनऊ से बनवाया है। दोनों में जन्म तारीख में अंतर है।

आपको बता दें कि अब्दुल्लाह आजम खान पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का फायदा उठाकर विधानसभा चुनाव लड़ने का आरोप लगाया गया था हाईकोर्ट ने इनके चुनाव को निरस्त कर दिया है अब्दुल्ला आजम का कहना है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। इसलिए जमानत पर रिहा किया जाए। तंजीन फातिमा का कहना था कि महिला होने के कारण जमानत दी जाए।

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