आज़म ख़ान के मामले में सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, एक केस में ज़मानत मिलते ही दूसरा केस कैसे?

उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी के क़द्दावर नेता आज़म ख़ान पिछले दो साल से जेल में बंद हैं. जानकारी के मुताबिक़ उन पर कई केस बहुत मामूली जैसे हैं और सभी में उन्हें ज़मानत मिल चुकी है बस एक केस छोड़कर. ये केस भी हाल ही में दर्ज हुआ है. उन पर कुल 89 मुक़दमे दर्ज हैं जिनमें से 88 में उन्हें ज़मानत मिल गई है.

एक केस में उन्हें कल ही ज़मानत मिली थी लेकिन इससे पहले कि इसमें उन्हें ज़मानत मिलती उन पर एक और केस दर्ज हो गया. इस वजह से वो ज़मानत मिलने के बाद भी जेल में ही बंद रहेंगे. अब इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना सख्त रवैया अपनाया है और सवाल किया है कि जैसे ही एक केस में ज़मानत मिली दूसरा केस कैसे दर्ज हो गया.

आजम खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि ऐसा क्यों चल रहा है कि एक के बाद एक 89 केस दर्ज हो गए। एक केस में जमानत मिली तो नया केस दर्ज हो गया। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए वकील ने हलफ़नामा दायर करने की बात कही है। आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ एक आख़िरी केस बचा हुआ था.

इस केस पर पाँच महीने से आदेश नहीं आया था जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसको लेकर टिपण्णी की और कहा कि ये न्यायिक प्रक्रिया का मज़ाक़ है कि ऑर्डर इतने दिन से रिज़र्व है. हाई कोर्ट ने कल सुनवाई की और आज़म को इस केस में ज़मानत दे दी लेकिन मालूम हुआ कि उन पर एक और केस दर्ज हो गया है.

इस वजह से आज़म अभी भी जेल में रहेंगे. इस बात पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है और कहा है कि एक व्यक्ति पिछले 2 साल से जेल में बंद है। जब उसे बाहर आना होता है तो फिर से एक मुक़दमा लाद दिया जाता है। एक-दो केस समझ में आता है लेकिन 89 केस एक के बाद एक दर्ज होते गए। ये क्या तरीक़ा है।

सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी पर यूपी सरकार की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि यह ग़लत धारणा है कि जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने हलफ़नामा दाखिल करने की बात कही जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कोर्ट ने कहा कि ठीक है आप हलफनामा दाखिल कीजिए। अब इस मामले को 17 मई मंगलवार के दिन देखा जाएगा।

आपको बता दें कि सपा नेता और अन्य विपक्षी दल ये कहते रहे हैं कि आज़म के ख़िलाफ़ ये मुक़दमे उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा बदले की कार्यवाई से किए जा रहे हैं. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी टिप्पणी की है।

इसके पहले कल समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान की ज़मानत पर आज इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. सपा के क़द्दावर नेता आजम खां (AZAM KHAN)को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. हालांकि उनकी जल्‍द रिहाई के आसार नहीं हैं. गौरतलब है कि आजम वर्ष 2020 की शुरुआत से जेल में हैं और पिछले कुछ वर्षों में यूपी पुलिस ने उनके खिलाफ 88 केस दर्ज किए हैं. इनमें से 86 केसों में उन्‍होंने जमानत पहले ही मिल चुकी थी.

मंगलवार को आजम को 87वें मामले में जमानत मिली है लेकिन यूपी पुलिस की ओर से कुछ दिन पहले ही उनके खिलाफ 88वां केस दर्ज कराया गया है
गौरतलब है कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में आजम ने रामपुर संसदीय सीट से जीत हासिल की थी, उन्‍होंने जेल में रहते हुए इसी वर्ष विधानसभा चुनाव भी लड़ा था और जीत हासिल की थी.

उनकी गिनती समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुस्लिम नेताओं में की जाती है. यूपी में बीजेपी के सत्‍ता में आने के बाद आजम के खिलाफ जमीन पर अवैध कब्‍जे और अन्‍य केस दर्ज किए गए हैं. आज़म के क़रीबी लोगों का मानना है कि ये सभी केस द्वेष की कार्यवाई के तहत किए गए हैं. आज़म ख़ान समर्थकों का कहना है कि इस तरह के केस बनाए गए हैं कि उनकी रिहाई में देर होती रहे.

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