नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान ने अंतरिम ज़मानत की याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली है. उनकी रिहाई सपा के लिए बड़ा प्लस हो सकती है. यही वजह है कि सपा की पूरी लीगल टीम उन्हें रिहा कराने को लेकर कोशिश कर रही है. सपा नेता आजम खान ने सुप्रीम सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अंतरिम जमानत याचिका में कहा है कि वो यूपी विधानसभा चुनाव में प्रचार करना चाहते हैं.

जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम जमानत पर रिहाई की अर्जी लगाई है. आजम खान ने अपनी याचिका में कहा है कि राज्य सरकार उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों में अभियोजन प्रक्रिया को खामख्वाह लटका रही है ताकि वो चुनाव प्रचार में हिस्सा ना ले सकें.

आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि यूपी की अदालतों में जमानत पर रिहाई के लिए तीन अलग अलग मामलों में अर्जियां लगा रखी हैं. लेकिन सरकार का अभियोजन विभाग उसमे जानबूझ कर लापरवाही बरत रहा है. सरकार नहीं चाहती कि वो किसी भी सूरत में चुनाव प्रचार के लिए जेल से बाहर आएं. लिहाजा सुप्रीम कोर्ट उन्हें यूपी चुनाव के दौरान अंतरिम जमानत पर रिहा करे.

आज़म ख़ान सपा के सबसे बड़े नेताओं में शुमार किए जाते हैं. उन पर ज़मीन हथियाने, अतिक्रमण करने और फ़र्ज़ी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के आरोप हैं. सपा के नेता कहते हैं कि ये सब इस तरह के आरोप हैं वह हास्यद्पद हैं और सब बेबुनियाद हैं. इसी तरह के आरोप उनकी पत्नी और उनके बेटे पर भी लगे हैं.

आज़म की पत्नी और आज़म के बेटे को अदालत ने ज़मानत दे दी है. समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान यूपी के रामपुर विधानसभा क्षेत्र से सांसद हैं. इससे पहले वे यूपी कैबिनेट में मंत्री भी रह चुके हैं. आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम को हाल ही में सीतापुर जेल से रिहा किया गया है. उन्हें करीब दो साल जेल में रहने के बाद रिहा किया गया है. जेल से रिहा होते ही अब्दुल्ला ने यूपी की बीजेपी सरकार पर हमला बोला है.