उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां जोरों पर है। पश्चिम से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है उत्तर प्रदेश में कुल 7 चरणों में चुनाव होने हैं जिसमें से दूसरे चरण के चुनाव अब तक हो चुके हैं बाकी के 5 चरणों के लिए अब पश्चिम से धीरे धीरे राजनीति पूर्वांचल की तरफ बढ़ रही है पश्चिम से आ रहे आंकड़ों को देखा जाए तो समाजवादी पार्टी के दावे के हिसाब से वहां से भाजपा बुरी तरह फ्लाप हो रही है हालांकि ऐसे ही दावे अन्य पार्टियों की तरफ से भी किए जा रहे हैं।

पूर्वांचल की सबसे हॉट सीट माने जाने वाली मऊ सदर की 356 विधान सभा हमेशा की तरह लगातार चर्चा में बनी हुई है क्योंकि मऊ सदर विधानसभा पर कई सालों से जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का कब्जा है बीते 2017 के विधानसभा चुनाव में मुख्तार अंसारी ने अपनी जीत का सिलसिला जारी रखते हुए जेल में रहकर के चुनाव जीता था लेकिन सियासी गलियारों में हंगामा तब मच गया जब मुख्तार अंसारी के बेटे इंटरनेशनल शूटर अब्बास अंसारी ने मऊ सदर से नामांकन कर दिया।

अब्बास अंसारी ने भी मंझे हुए खिलाड़ी का परिचय दे दिया।अब्बास अंसारी ने नामांकन करते ही मास्टर स्ट्रोक खेल दिया है। बहुजन समाज पार्टी के दिग्गज नेता माने जाने वाले और मऊ अध्यक्ष पद का चुनाव सबसे ज्यादा वोटों से जीतने वाले चेयरमैन तय्यब पालकी ने बसपा से इस्तीफा दे दिया है।तय्यब पालकी का बसपा से इस्तीफा देना कोई मामूली सियासी घटना नहीं कही जा सकती है इसके पीछे सीधे-सीधे अब्बास अंसारी का हाथ माना जा सकता है।

इतना ही नहीं बल्कि भाजपा के खेमे से भी ऐसी खबरें आ रही हैं कि आने वाले कुछ ही दिनों में भाजपा में भी सेंध लग सकती हैं अब्बास अंसारी की राजनीतिक सूझबूझ और सरगर्मियां देखी जाए तो अंदर खाने से भाजपा में टूट-फूट की आ रही खबरों को भी नकारा नहीं जा सकता है आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मऊ विधानसभा में आखिरी चरण में मतदान होने हैं और 10 मार्च को प्रदेशभर के चुनावी नतीजे सामने आयेंगे।