जेएनयू के पूर्व छात्र नेता रहे कन्हैया कुमार अब एक और बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं. मामला कुछ यूँ है कि अब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने ही उनके खिलाफ सेंसर प्रस्ताव पारित किया है. पार्टी ने कन्हैया कुमार पर पटना में कार्यालय सचिव इंदू भूषण के साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले में यह कदम उठाया है. इससे पहले भी यह फैसला हैदराबाद में नेशनल काउंसिल बैठक के दैरान भी लिया गया था. यह मामला बीते साल एक दिसंबर का है. पटना के पार्टी कार्यालय में कन्हैया कुमार अपने समर्थकों के साथ पहुंचे हुए थे.यहाँ पर बेगुसराय जिले काउंसिल होने वाली थी. लेकिन बाद में इसे स्थगित कर दिया गया पर इसकी सूचना कन्हैया कुमार को नहीं दी गयी थी और वह बैठक में शामिल होने के लिए पहुँच गए थे. लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि बैठक स्थगित कर दी गयी है, कन्हैया नाराज़ हो गए. आरोप है कि इस दौरान उनके समर्थकों ने प्रदेश कार्यालय सचिव इंदुभूषण वर्मा के साथ बदसलूकी की और उनके साथ धक्का मुक्की भी की गयी.

ऐसे में पार्टी के आला कमान से कन्हैया और उनके समर्थकों के खिलाफ एक्शन लेने की मांग गयी थी और इसके बाद अब या कदम पार्टी ने उठाया है. वहीँ इस मामले में कन्हैया का भी बयान आया था और उन्होंने साफ़ किया था कि उन्होंने किसी भी तरह की हिंसा नहीं की थी.

बता दें कि कन्हैया कुमार उस वक़्त चर्चा में आए थे जब उनके खिलाफ नारेबाजी करने के मामले में देशद्रोह का केस दर्ज किया गया था.

 

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