मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार ने पालघर में हुई दो साधुओं और उनके ड्राईवर की मोब लिंचिंग को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश करने वाले लोगों पर कड़ी कार्यवाई करने की बात कही है. इस बीच ख़बर है कि महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि पालघर में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की मॉब लिंचिंग करने वाले आरोपियों के नाम आज जारी किए जाएंगे। मीडिया में आयी ख़बर के मुताबिक़, अनिल देशमुख ने कहा कि हम सभी आरोपियों के नाम आज व्हाट्सएप के जरिए जारी करेंगे।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए 101 लोगों में से कोई भी मुस्लि’म नहीं है। देशमुख ने फेसबुक के जरिए दिए संबोधन में कहा, ‘इस घटना के संबंध में गिरफ्तार किया गया कोई भी आरोपी मु’स्लिम नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस घटना के बाद साम्प्रदायिक राजनीति की जा रही है।’ किसी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि कुछ लोग ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ देख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह राजनीति करने का नहीं बल्कि एक साथ मिलकर कोरोना वायरस से लड़ने का समय है। अफवाहों पर गृहमंत्री देशमुख ने कहा कि वीडियो में एक आवाज सुनाई दे रही है ‘ओए बस’ और कुछ लोगो ने इसे ‘शोएब बस’ कर प्रसारित किया। उन्होंने आगे कहा कि सभी राज्य महामारी से लड़ रहे हैं और कुछ लोगों ने इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की।

देशमुख ने साफ़ किया कि अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि 16 अप्रैल की रात जब दो साधू और उनका ड्राइवर किसी परिचित के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कार से मुंबई से गुजरात के सूरत जा रहे थे। उनके वाहन को पालघर जिले के एक गांव के पास रोक लिया गया जहां भीड़ ने बच्चा चोरी करने के संदेह में तीनों को कार से बाहर निकाला और उनकी लाठियों से पी’ट-पी’टकर ह’त्या कर दी।

मृतकों की पहचान चिकने महाराज कल्पवृक्षगिरि (70), सुशीलगिरि महाराज (35) और चालक निलेश तेलगड़े (30) के रूप में की गई। महाराष्ट्र सरकार ने घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में सोमवार को पालघर के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

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