चुनाव के बाद भाजपा के 2 मुख्यमंत्रियों की किस्मत का होगा फैसला, पार्टी कर सकती है…

April 2, 2021 by No Comments

इस में इस वक्त पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इसी बीच खबर सामने आई है कि असम और मध्य प्रदेश के दो मुख्यमंत्री इस वक्त मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। दरअसल आसाम के मौजूदा मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को अगर राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के चेहरे के रूप में पेश नहीं किया जा रहा है तो हाईकमान को मध्यप्रदेश से भी मुश्किल भरे खबरें सामने आ रही है।

जहां पर वह किसी युवा चेहरे को मुख्यमंत्री पद पर बैठाने का प्लान बना रहा है सर्बानंद सोनोवाल तब भाजपा में आए थे जब उनके प्रांतीय संगठन में कई समस्याएं चल रही थी लेकिन अब वक्त बदल चुका है और भाजपा हाईकमान को इस बात की कोई परवाह नहीं रहेगी। विगत में किस ने पार्टी के लिए क्या किया है किसने खू’न प’सीना बहा के पार्टी के लिए जमकर मेहनत की है।

इस समय वह विजयश्री पाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है और इसीलिए उसने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पद से चलता कर दिया। अब भाजपा हाईकमान हेमंत बिस्व सरमा, जिन्होंने 2016 में राज्य में भाजपा की जीत के लिए सोनोवाल के साथ महती भूमिका निभाई थी, को पुरस्कृत करना चाहती है। सोनोवाल यद्यपि मृदुभाषी हैं परंतु वह लौह-पुरुष माने जाते हैं।

बताया जाता है कि भाजपा कुछ राजनीति कारणों की वजह से मौजूदा मुख्यमंत्री को चुनाव में अपने मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में पेश नहीं कर रही है। लेकिन सर्बानंद सोनोवाल से छुटकारा पाने के लिए भाजपा को काफी कठिनाई का सामना करना होगा। क्योंकि उन्हें स्थानीय लोगों का काफी समर्थन हासिल है।

इसी तरह 2018 में पराजित होने के बावजूद दोबारा से इस पद पर बैठाया गया था। 2021 में समय बदल चुका है। दरअसल भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायकों ने दलबदल किया था तो शिवराज चौहान की सरकार दोबारा बनी थी।

उस समय भाजपा किसी तरह की गुटबाजी को छेड़ना नहीं चाहती थी इसलिए उसने जैसा चल रहा था, वैसा चलने दिया था यानि चौहान को मुख्यमंत्री पद पर बैठा दिया गया था।

अब पार्टी एक ऐसा युवा चेहरा चाहती है जो राज्य को तेजी से आगे ले जा सके। प. बंगाल में अगर भाजपा जीतती है तो यह बदलाव जल्द होगा क्योंकि भाजपा के 2 बड़े नेता नरोत्तम मिश्रा और कैलाश विजयवर्गीय वहां डेरा डाले हुए हैं। अगर भाजपा नहीं जीतती है तो शिवराज चौहान को कुछ राहत मिल सकती है परंतु यह ज्यादा लंबे समय के लिए नहीं रहेगी।

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