इस साल का बजट केंद्र सरकार की तरफ से पेश किया जा चुका है और इसके बाद से ही तमाम लोगों से लेकर सियासी पार्टियाँ इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रही हैं. बात करें सबसे पहले अगर यूपी के सीएम योगी की तो उन्होंने इस बजट को सराहा है और तारीफ की है. सीएम योगी ने इस बजट पर ख़ुशी जताते हुए इसे कल्याण कारी से लेकर सर्वस मावेशी और आत्म निर्भर भारत की नियत के अनुरूप बताते हुए इसकी तारीफ की है. उन्होंने आगे कहा है कि इस बजट में आम गरीबोब, किसानों, महिलाओं और हर वर्ग का धयान रखा गया है.

उन्होंने कहा है कि इससे अर्थ व्यवस्था को गति मिलेगी और देश के हर एक नागरिक को इससे फायदा मिलेगा. वहीँ दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है. यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सवाल किया है कि इस बजट से प्रदर्शन कर रहे किसानों को क्या हासिल हुआ है. उन्होंने कहा है कि भाजपा दावा आय दोगुनी करने का करती थी. क्या इस बजट से लोगों की आय दोगुनी हो जाएगी. इसके अलावा उन्होंने कहा है कि जो युवा बेहतर भविष्य के लिए पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए रोज़गार कैसा पैदा होगा. इसकी क्या व्यवस्था की गयी है इस बजट में.

इसके अलावा बसपा चीफ मायावती ने कहा है कि क्या इस बजट से कोरोना की वजह से आई भयंकर मंदी और बिगड़ी अर्थव्यवस्था ठीक हो पायेगी. उन्होंने कहा है कि बजट को महंगाई और रोज़गार की कसौटी पर ही आँका जायेगा. इसके अलावा वरिष्ट कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने इसे अब तक का सबसे बुरा और गरीब विरोधी बजट बताया है. उन्होंने इसे निराशाजनक बजट बताया है और कहा है कि इससे किसी भी वर्ग को कोई फायदा नहीं होने वाला है.

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