उत्तर प्रदेश से आज एक बड़ी ख़बर आयी कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान ने अपनी लोकसभा सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है. अखिलेश यादव ने आज लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलकर अपना इस्तीफ़ा सौंपा.

अब इसके साथ ही इस तरह की अटकलें तेज़ हो गई हैं कि क्या सपा अध्यक्ष उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होंगे. वहीं कुछ जानकार ये भी कह रहे हैं कि सपा आज़म ख़ान को भी नेता प्रतिपक्ष बना सकती है. अखिलेश यादव आज़मगढ़ से सांसद थे जबकि आज़म ख़ान रामपुर सीट से सांसद थे. सूत्रों की माने तो सपा आज़मगढ़ से तेज प्रताप यादव को चुनावी मैदान में उतार सकती है.

तेज प्रताप मुलायम परिवार के सदस्य भी हैं और पहले भी सांसद रह चुके हैं. ऐसे में उनकी दावेदारी मज़बूत मानी जा रही है. हालाँकि अभी इस पर पार्टी की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं रामपुर लोकसभा सीट से आज़म ख़ान की पत्नी ताज़ीन फ़ातिमा को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है. ताज़ीन सपा की ओर से राज्यसभा सांसद रह चुकी हैं.

ताज़ीन ने रामपुर विधानसभा सीट से 2019 में विधानसभा उप-चुनाव लड़ा था जिसे वो जीतने में कामयाब रही थीं. तब आज़म रामपुर से विधायक थे और रामपुर लोकसभा सीट से सांसद चुन लिए गए थे. आज़म ने तब विधानसभा सीट से इस्तीफ़ा दिया और ताज़ीन सपा की उम्मीदवार बनीं. इस बार भी कुछ इसी तरह की स्थिति बनती नज़र आ रही है. फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है कि इस बार ताज़ीन को लोकसभा चुनाव लड़ना होगा.

रामपुर सीट को आज़म का गढ़ माना जाता है, ऐसे में पार्टी अपने उम्मीदवार की जीत के लिए पूरा ज़ोर लगाएगी. दूसरी ओर आज़मगढ़ की बात करें तो हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में सपा ने आज़मगढ़ ज़िले की दस की दस विधानसभा सीटें जीतीं. ऐसे में सपा को यहाँ से लोकसभा उपचुनाव जीतने की उम्मीद रहेगी.

आपको बता दें कि यदि कोई सांसद सदस्य अपनी सीट से इस्तीफ़ा देता है या फिर किसी और कारण से ये सीट ख़ाली हो जाती है तो उपचुनाव कराए जाते हैं. इस्तीफ़ा देने के 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराए जाना ज़रूरी है.