लखनऊ: लोकसभा चुनाव में भले ही समाजवादी पार्टी की सीटें बहुजन समाज पार्टी से कम आयी हों लेकिन सपा की सक्रियता बसपा से अधिक दिखती है. पिछले कुछ महीनों में कई बसपा नेता सपा में शामिल हुए हैं. बसपा के एक बड़े नेता ने आज सपा का दामन थाम लिया. उनके साथ कई और कार्यकर्ता भी सपा में शामिल हुए. ये माना जा रहा है कि बसपा अध्यक्ष मायावती के लिए झटका है.

बसपा के पूर्व उत्तर प्रदेश अध्यक्ष दयाराम पाल सपा में शामिल हो गए. अखिलेश यादव ने फ़ेसबुक पर अपडेट किया,”समाजवादी विचाराधारा में आस्था जताते हुए सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी में शामिल हुए बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, श्री दयाराम पाल और बसपा के वरिष्ठ नेता एवं कई प्रदेशों के प्रभारी रहे श्री मिठाई लाल भारती समेत अन्य सभी सम्मानित नेताओं का स्वागत एवं धन्यवाद!”

दयाराम पाल ने कहा कि बसपा तो अब बाबा साहेब और कांशीराम के मिशन से भटक गई है। अब वहां रहने का कोई मतलब नहीं है। सपा अध्यक्ष ने इसके साथ ही सपा के पूर्व वरिष्ठ नेता और प्रसपा के अध्यक्ष शिवपाल यादव के बारे में भी बड़ा बयान दिया. जब उनसे ये सवाल पूछा गया कि क्या वो इस बात की उम्मीद करते हैं कि शिवपाल यादव फिर पार्टी में आ सकते हैं, इस पर अखिलेश ने कहा कि हमारे परिवार में लोकतंत्र है.

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के दरवाज़े उन सभी के लिए खुले हैं जो पार्टी में आना चाहते हैं. अखिलेश ने इसके अलावा उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में एनआसी लागू होगा तो सबसे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ही बाहर हो जाएंगे। यह सब कमजोर व गरीब को डराने का शिगूफा है. उन्होंने कहा कि सरकार अपने विरोधियों को झू’ठे मुक़दमों में जेल डाल रही है.

अखिलेश यादव ने दावा किया कि लगातार सपा में शामिल हो रहे नेताओं से पार्टी मज़बूत होगी और 2022 में भाजपा के खिलाफ मजबूती से ल’ड़ेंगे। इसी कारण हम कह रहे हैं कि अब भाजपा की सरकार की उलटी गिनती शुरू हो गई है। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार तो झूठ की नींव पर खड़ी है। यह भी सच है कि झूठ अधिक दिन तक नहीं चल सकता है। सरकार का काउंट डाउन शुरू हो चुका है।

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