यूपी में बंगाल वाला ‘खेला’ करने की तैयारी में अखिलेश, इन पार्टियों के साथ गठबंधन पर लेंगे बड़ा फैसला..

August 3, 2021 by No Comments

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नक्शे कदम पर चल निकले हैं। दरअसल सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ही इकलौते ऐसे शख्स है। जो सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।

इस संदर्भ में कांग्रेस की महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने ”ऑफ द रिकॉर्ड” सपा के साथ गठबंधन करने के लिए खुद को ओपन माइंडेड बताया है। माना जा रहा है कि मिशन 2024 के लिए कांग्रेस उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के साथ गठबंधन करने की इच्छुक है।

अखिलेश यादव ने राज्य में गठबंधन को लेकर हाल ही में यह बयान दिया था कि वह किसी भी बड़े राजनीतिक दल के साथ इस बार नहीं जाएंगे। बल्कि छोटे क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कांग्रेस और बसपा से पूछा कि वे पहले ये तय करें कि कि उनकी लड़ाई भाजपा से है या सपा से।

अखिलेश यादव के इस बयान से संकेत मिल रहा है कि वो उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराने के लिए गठबंधन कर सकते हैं।
अखिलेश यादव की छोटे दलों से गठबंधन की बात के अनुसार कहा जा सकता है कि कांग्रेस के साथ सपा का गठबंधन मूर्तरूप में आ सकता है। लेकिन, 2019 में सपा और बसपा के बीच बढ़ी कड़वाहट के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती का गठबंधन में शामिल होना मुश्किल है।

आइए समझते हैं कि आखिर अखिलेश यादव के हालिया बयान के क्या मायने हैं? माना जा रहा है कि अखिलेश यादव का दाग कुछ ऐसा है जिस तरह से पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चला था। बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कांग्रेस और वामदलों के साथ गठबंधन हो पार्श्व में ढकेलने की नीयत से अधिकांश विपक्षी दलों को एक चिट्ठी लिखकर समर्थन की मांग की थी।

ममता बनर्जी को पहले से ही कई विपक्षी दलों का साथ मिला हुआ था। लेकिन, इस चिट्ठी के सहारे उन्होंने कांग्रेस और वामदलों के गठबंधन को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था।

इंटरव्यू के सहारे उत्तर प्रदेश में भी पश्चिम बंगाल जैसा माहौल रचने की कोशिश करने की बात अखिलेश यादव द्वारा कह दी गई है। अखिलेश यादव के इस बयान से साफ है कि वो कांग्रेस और बसपा से गठबंधन के पक्ष मे नही हैं। वो जनता के बीच ये संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि बसपा सुप्रीमो मायावती और यूपी कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी सपा के सामने खड़े होकर भाजपा को जिताने की कोशिश कर रही हैं।

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