भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर रावण ने मंगलवार के रोज़ अकेले चुनाव लड़ने का एलान कर दिया. उनका ये एलान समाजवादी पार्टी से उनके गठबंधन प्रयासों के नाकाम होने के बाद हुआ है. वो पिछले कई महीनों से अखिलेश यादव से बातचीत कर रहे थे लेकिन ये बातचीत सीटों के बँटवारे के विषय पर अटक गई.

सपा की ओर से चंद्रशेखर की आज़ाद समाज पार्टी को 2 सीटें देने की बात कही गई थी. चंद्रशेखर ने इन सीटों को बहुत कम माना और अखिलेश की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें दलितों का वोट तो चाहिए लेकिन वो उन्हें हिस्सेदारी नहीं देना चाहते. वहीं अखिलेश ने चंद्रशेखर के बारे में टिपण्णी करते हुए कहा कि वो उन्हें दो सीटें देने पर राज़ी थे लेकिन तभी दिल्ली से उनके पास फ़ोन आ गया जिसके बाद चंद्रशेखर ने कहा कि उनकी पार्टी इस बात पर सहमत नहीं है.

चंद्रशेखर ने मंगलवार को अपनी घोषणा में कहा कि उनकी पार्टी दलित और पिछड़ी जातियों के अलावा अल्पसंख्यक समाज के लोगों को भी अपनी लिस्ट में जगह देगी. आपको बता दें कि चंद्रशेखर लम्बे समय से भाजपा को हराने की बात करते रहे हैं. वहीं सपा इस समय उत्तर प्रदेश में ऐसी पार्टी दिख रही है जो भाजपा से सीधे मुक़ाबला कर रही है.

ऐसे में अगर चंद्रशेखर और सपा साथ चुनाव लड़ते तो भाजपा के लिए और मुश्किल खड़ी हो सकती थी. भीम आर्मी की ओर से ताज़ा बयान ने जहां भाजपा को राहत दी है वहीं भीम आर्मी का कहना है कि वह भाजपा को हराने की कोशिश जारी रखेगी. चंद्रशेखर आज़ाद रावण ने एलान किया कि वो पार्टी के कहने पर मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ गोरखपुर से लड़ने को तैयार हैं. वहीं, आजाद समाज पार्टी अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, ओपी राजभर, स्वामीप्रसाद मौर्य और जयंत चौधरी के खिलाफ कोई प्रत्याशी नहीं उतारेगी.