लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान की ज़मानत पर आज इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. उन पर कुल 88 मुक़दमे दर्ज हैं जिनमें से 86 में उन्हें ज़मानत मिल गई थी. इसके पहले ऐसी ख़बरें थीं कि उन पर 87 मुक़दमे दर्ज हैं और एक में ज़मानत मिलते ही वो रिहा हो जाएँगे लेकिन हाल ही में पुलिस ने एक और मामला दर्ज कर के उनकी रिहाई को मुश्किल में ला दिया है.

सपा के क़द्दावर नेता आजम खां (AZAM KHAN)को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. हालांकि उनकी जल्‍द रिहाई के आसार नहीं हैं. गौरतलब है कि आजम वर्ष 2020 की शुरुआत से जेल में हैं और पिछले कुछ वर्षों में यूपी पुलिस ने उनके खिलाफ 88 केस दर्ज किए हैं. इनमें से 86 केसों में उन्‍होंने जमानत पहले ही मिल चुकी थी.

मंगलवार को आजम को 87वें मामले में जमानत मिली है लेकिन यूपी पुलिस की ओर से कुछ दिन पहले ही उनके खिलाफ 88वां केस दर्ज कराया गया है
गौरतलब है कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में आजम ने रामपुर संसदीय सीट से जीत हासिल की थी, उन्‍होंने जेल में रहते हुए इसी वर्ष विधानसभा चुनाव भी लड़ा था और जीत हासिल की थी.

उनकी गिनती समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुस्लिम नेताओं में की जाती है. यूपी में बीजेपी के सत्‍ता में आने के बाद आजम के खिलाफ जमीन पर अवैध कब्‍जे और अन्‍य केस दर्ज किए गए हैं. आज़म के क़रीबी लोगों का मानना है कि ये सभी केस द्वेष की कार्यवाई के तहत किए गए हैं. आज़म ख़ान समर्थकों का कहना है कि इस तरह के केस बनाए गए हैं कि उनकी रिहाई में देर होती रहे.