अपने ही गेम में फँसी भाजपा?, पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण में हो सकता है सफ़ाया

लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में पश्चिम बंगाल की 9 सीटों पर मतदान होगा. पश्चिम बंगाल की इन 9 सीटों पर मात्दान से पहले कल प्रदेश की राजधानी में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान भीषण चुनावी हिं’सा हुई. तृणमूल कोंग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिं’सा के बाद चुनावी माहौल पूरी तरह से बदल गया है. भाजपा के रोड शो के दौरान इश्वर चन्द्र विद्यासागर की मूर्ती का तोड़ा जाना पार्टी के लिए भारी पड़ने वाला है. विद्यासागर को बँगला रिनेसा का बड़ा हीरो माना जाता है, वो एक महान विचारक थे.

उनकी मूर्ती का कथित रूप से भाजपा समर्थकों द्वारा तोड़ा जाना भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी करने वाला है. तृणमूल कांग्रेस ने इस पूरे मामले को बंगाली अस्मिता से जोड़ लिया है और भाजपा को बंगाल विरोधी बताना शुरू कर दिया है. भाजपा के पास बंगाल में कोई उस तरह का नेता भी नहीं है जो इस पर बात कर सके. भाजपा पूरी तरह से डिफेंसिव नज़र आ रही है और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी पूरी तरह से आक्रा’मक हो गई हैं.

पश्चिम बंगाल के लोगों में भी इस घटना को लेकर ग़ुस्सा देखा जा रहा है. इस पूरी घटना के बाद भाजपा के लिए बची हुई सीटों पर संभावनाएं कम होती दिख रही हैं. जानकार मानते हैं कि पहले भाजपा ने सोचा था कि वो हिंदुत्व के मुद्दे को लेकर पश्चिम बंगाल में अपना एक वोट बना लेंगे. परन्तु ऐसा होता नहीं दिख रहा है, भाजपा को पता है कि उन्हें उत्तर प्रदेश और बिहार में बड़ा नुक़सान होने वाला है, ऐसे में भाजपा को पश्चिम बंगाल में अच्छा प्रदर्शन करने की ज़रूरत थी लेकिन सातवें चरण में तो भाजपा पूरी तरह से बैकफुट पर है.

भाजपा का कैडर कल हुई घटना के बाद से समझ नहीं पा रहा है कि वो अपनी ही पार्टी के स्टैंड का कैसे समर्थन करे. असल में इश्वर चन्द्र विद्यासागर की मूर्ती का टूटना बंगाल की राजनीति की बड़ी घटना माना जा रहा है. इस वजह से इस चरण में भाजपा का सफ़ाया भी हो सकता है. भाजपा इस उम्मीद में है कि कोई करिश्मा हो और इस घटना का असर कम हो लेकिन फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा है.