असम सरकार का बड़ा ऐलान, NRC लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री ने फुल-प्रूफ प्लान…

May 19, 2021 by No Comments

असम विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत से जीत हासिल कर साबित कर दिया है कि राज्य में अभी भी उनका डं’का बजता है। भाजपा ने इस बार असम में नए मुख्यमंत्री को सत्ता संभालने का मौका दिया है। माना जा रहा है कि कोरोना महामारी में हुए असम विधानसभा चुनाव नतीजों में अगर कोई सबसे बड़ा राजनीतिक हीरो बनकर निकला है तो वह भाजपा नेता हिमंता बिस्वा सरमा है।

दरअसल उन्होंने जिस तरह से असम विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को जीत दिलाने के लिए उन्होंने जो मेहनत की उसका फल उन्हें पार्टी द्वारा दे दिया गया है। नतीजा यह है कि आज हिमंता बिसवा सरमा असम के मुख्यमंत्री पद पर बैठे हैं। गौरतलब है कि असम में भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है राज्य में एनआरसी लागू करना।

जिसके लिए भाजपा काफी कोशिशें कर रही थी। अब इसके लिए अब हिमंता ने ऐलान करते हुए कहा कि वो एनआरसी के पुनर्सत्यापन के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे। हिमंता का जोश न केवल असम बल्कि पूरे देश के लिए संकेत है कि मोदी सरकार कोरोना सं’क्रमण के कारण अभी एनआरसी और सीएए के काम को रोक कर बैठी है, वरना उनकी प्राथमिकता यही है।

असम में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में चल रही एनआरसी में करीब 19 लाख लोगों के नाम नही हैं। आश्चर्यजनक बात ये भी है कि इस 19 लाख की संख्या में करीब 5 लाख हिं’दुओं की तादाद है।

ऐसे में चुनावों के दौरान बीजेपी नेता हिमंता ने दावा किया था कि सत्ता में आने पर एनआरसी का काम पुन: ठीक ढंग से किया जाएगा, और सीएए के जरिए गैर मु’स्लिमों को नागरिकता दिलाई जाएगी। वहीं अब अपने उस वादे को पूरा करने के सवाल पर हिमंता ने साफ कहा है कि वो इन सभी वादों को पूरा करने के कटिबद्ध हैं, जिसमें उनकी प्राथमिकता एनआरसी ही है।

हिमंता ने ताल ठोक के ये ऐलान कर दिया है कि असम एनआरसी में हुई गड़बड़ियों के मुद्दे पर वो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार असम के सीमावर्ती जिलों में 20 प्रतिशत नामों और अन्य इलाकों में 10 प्रतिशत नामों का पुन: सत्यापन चाहती है।

एनआरसी से राज्य के लगभग 19 लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें लगभग साढ़े पांच लाख हिं’दू शामिल हैं।” साफ है कि हिमंता इस मुद्दे को पीछे छोड़ने वाले नहीं है, क्योंकि ये उनका कोर चुनावी मुद्दा था।

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