पुलिस कर्मियों के गले की फांस बनी मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट, डेढ़ साल पहले आज़मगढ़ के जयउद्दीन को…

September 17, 2022 by No Comments

अंबेडकरनगर पुलिस की कथित हिरासत में आजमगढ़ निवासी युवक जियाउद्दीन की डेढ़ साल पहले हुई मौ’त के मामले में फंसे पुलिस कर्मियों को क्लीन चिट मिल पाना बड़ी चुनौती होगा। लैब से जारी मृ’तक की रिपोर्ट ह’त्या के मामले में नामजद पुलिस कर्मियों के गले की फांस साबित होगी। इस मामले में निलंबित हुए तात्कालिक स्वाट टीम प्रभारी समेत सात आरोपी सिपाहियों पर ह’त्या का केस दर्ज किया
गया था।

लैब रिपोर्ट में सामने आया है कि मृतक जियाउद्दीन को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। जबकि मृ’तक के शरीर पर कई चोट का उल्लेख इसमें शामिल है। इसके चलते ही बीते डेढ़ वर्ष पहले घटित हुई इस घ’टना में तमाम कोशिशों के बाद भी पुलिसकर्मियों के पक्ष में फाइनल रिपोर्ट लग पाना संभव नहीं हो पा रहा है। आपकी बता दें गोंडा जिले में डेढ़ वर्ष पहले पूछताछ के लिए पकड़े गए आजमगढ़ जनपद के पवई थाना क्षेत्र के हाजीपुर निवासी जिाउद्दीन की मौ’त को लेकर खूब हंगा’मा मचा था।

मुख्य विपक्षी दल सपा में प्रकरण को पूरे जोरशोर से उठाया था। इस मामले में स्वाट टीम प्रभारी समेत आठ पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर करने के बाद निलंबित होना पड़ा था। इस मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों पर दर्ज ह’त्या का केस वर्तमान में चल रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जियाउद्दीन के शरीर के विभिन्न अंगों और खून आदि की हुई लैब जांच रिपोर्ट ने आरोपी पुलिस कर्मियों की परेशानी बढ़ा दी है।

जनपद स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज सददरपुर से जारी रिपोर्ट में साफ किया गया है कि जियाउद्दीन की मौत स्वाभाविक नहीं थी। इससे पहले उनकी मौ’त के बाद जो फोटो सामने आई थी उसमें शरीर के कई हिस्सों पर निर्मम तरीके से पहुंचाई गई चो’ट के निशान मौजूद थे। लैब की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पुलिस कर्मियों के पक्ष में फाइनल रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। इससे आरो’पियों की दिक्कतें बढ़ सकती है।

रिपार्ट : अश्वनी मिश्र अमर उजाला

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