नई दिल्ली: ऐसी उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले में फ़ैसला सुना सकता है. इस वजह से देश में शांति वग़ैरा बनी रहे इसके लिए प्रशासन कोशिशें कर रहा है. अयोध्या मामले पर फ़ैसला आने की उम्मीद के बीच इसको लेकर चर्चाएँ भी हो रही हैं. हाल ही में पूर्व केंद्रीय गृह सचिव माधव गोडबोले ने एक बयान दिया था, कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही बाबरी मस्जिद के ताले खुलवाए थे। और कहा कि यह ‘ऐतिहासिक तथ्य’ है।

पूर्व केंद्रीय गृह सचिव माधव गोडबोले के इस बयान को अब एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की स्वीकृति भी मिल गई है। ओवैसी ने एक बयान देते हुए कहा है कि, “माधव गोडबोले साब ने जो कुछ कहा है, उसमें सच्चाई है, उन्होंने बिल्कुल सच कहा है कि, तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने बाबरी मस्जिद के ताले खुलवाए थे। ओवैसी ने कहा है कि यह ‘ऐतिहासिक तथ्य’ है। यह भी एक ऐतिहासिक तथ्य है कि, ताला खुलवाने के मामले का शाहबानो प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं था।

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बारे में पूर्व केंद्रीय गृह सचिव ने जो कुछ भी कहा है, वह सच है। कांग्रेस पार्टी पर अपना निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा है कि, जब ताले खोले गए तब यह पार्टी सत्ता में थी। और जब विवादित ढांचा ढहाया गया, तब कांग्रेस के पी.वी.नरसिंह राव प्रधानमंत्री पद पर थे। ओवैसी ने बाबरी मस्जिद प्रकरण में कांग्रेस को बराबर का ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि, “कांग्रेस इस ग़लती के लिए बराबर के साझीदार है।”

वहीं दूसरी ओर बीजेपी के नेता विनय कटियार के एक बयान जिसमें उन्होंने अयोध्या मामले के फ़ैसले के बाद काशी और मथुरा पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही है। विनय कटियार के इस बयान पर ओवैसी का कहना है कि, अयोध्या मामले में फ़ैसले से देश में क़ानून के शासन की प्रतिपुष्टि होगी ऐसी उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.