कृषि कानुनों पर सरकार के अड़यल रवैए के बाव जूद लगा तार भार तीय किसान बीते 50 दिनो से इतनी ठंड में सीमाओं पर बैठे हैं। आपको बता दें कि इस दौरान उन्होंने लौहरी सैन्य दिवस तथा कई तरह के सामा रोह यही मनाया। वहीँ बीते दिनों उन्होंने महिला दिवस भी मनाया। जहां अलग राज्यो से छात्रों से लेकर डाक्टर प्रोफे सर और किसान परिवार से जुड़ी महि लाएं आंदोलन में शरीक होने आई।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) जिस किसान आंदोलन को विपक्ष की साज़िश बता रही है, उसके समर्थन में अब शहीद भगत सिंह के परिजन भी सड़कों पर उतर आए हैं। इस समा रोह में भगत सिंह की भांजी गुरदीप कौर भी यहां शरीक हुईं। जहां उन्होंने सबसे पहले एन डी टी वी का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने आगे कहा कि हम सब इस लिए यहां आए ताकि लोगों को बता सके कि हम सब कघे से कंघे मिला कर आंदो लनों में हिस्सा ले सकते हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए टिप्पणी पर भी अपना दुख प्रकट किया। आगे गुरदीप कौर ने कहा हम सब शरा रिक रूप से कम जोर नहीं है।


ये सर कार को हम सभी ही चुन कर सत्ता में लाते हैं। फिर सर कार अब किस के लिए काम कर रही है। एक न्यूज़ चैनल से बात करते हुए गुरजीत कौर ने कहा कि शहीद भगत सिंह की सोच किसानों-मज़दूरों का सिर ऊंचा देखने की थी। आज किसान तकलीफ में है। ये हर हिंदुस्तानी का फर्ज़ है कि वो मुश्किल की इस घड़ी में किसानों का साथ दे। मैं यहां अपने फर्ज़ को पूरा करने आई हूं।गौर तलब है कि इस महिला दिवस काफी घुम घाम से मनाया गया। इस दौरान मशहूर अभि नेत्री गुल पराग भी थी। खास बात यह थी कि इस दौरान यहां सभी, जगह महि लाएं ही, दिख रही रही थी। सुरक्षा में भी महि लाएं तैनात थी मंच से भी महिलाएं बोल रही है। ऐसे में अब सरकार के लिए दिन ब दिन दबाव बनता जा रहा है।

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