पटना: मुस्लि’म समाज में अपनी प’कड़ बनाने की कोशिश एक बार फिर भाजपा द्वारा की जा रही है. ऐसा माना जाता है कि मु’स्लिम समुदाय भाजपा को बहुत कम वोट करता है और भाजपा नेताओं पर भी ऐसे आरोप लगते रहते हैं कि ये अक्सर मुस्लि;म समुदाय को लेकर ग़लत टिपण्णी करते रहते हैं. हालाँकि भाजपा अब इसको ठीक करने की कोशिश में लगी है और इसी लिए एक फ़ैसला बिहार भाजपा ने लिया है.

भाजपा ने साबिर अली को बड़ी ज़िम्मेदारी दी है। ये वही साबिर अली हैं जिनको कभी बीजेपी ने आ’तंकी या’सीन भ’टकल का दोस्त बताया था। साबिर आली की बीजेपी की एंट्री भी नाटकीय ढंग से हुई थी। वे जेडीयू से बीजेपी में आए बाद में जब बीजेपी के नेताओं ने हीं विरोध किया तो पार्टी से बाहर भी कर दिया गया था लेकिन अब सात साल बाद उन्हें बीजेपी ने पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय महामंत्री बना दिया है।

दरअसल बीजेपी ने आज अपने अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नाम का एलान किया है. इसमें बिहार के दो नेताओं को जगह मिली है।साबिर अली को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। वहीं, अररिया के मुफ्ती अब्दुल वहाब कासमी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। साबिर अली की पॉलिटिक्स में एंट्री 2008 में हुई थी जब स्व. रामविलास पासवान ने उन्हें अपनी पार्टी एलजेपी से राज्यसभा सांसद बना दिया था।

बिहार के पूर्वी चंपारण के मूल निवासी साबिर अली का मुंबई में कारोबार है। उनके अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन के आरोप लगते रहे हैं हालांकि कुछ साबित नहीं हो पाया है। साबिर अली को रामविलास पासवान ने सांसद बनाया लेकिन बाद में वे पाला बदल कर जेडीयू में शामिल हो गये। लेकिन 2014 में उन्हें नीतीश कुमार ने जेडीयू के टिकट पर राज्यसभा भेजने इंकार कर दिया था। साबिर अली उसके बाद बागी हो गये थे।

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