देश में महँ’गाई और बेरो’ज़गारी कितनी बढ़ गयी है ये सभी को पता है। वहीं भू’कम’री का आँक’ड़ा भी बढ़ता जा रहा है। लेकिन नेताओं ने इस माम’ले में अपनी आँखें बंद रखने में ही भ’लाई समझी है। वो आँखें बं’द करके कहते हैं कि न तो बेरो’ज़गारी है और न ही महँ’गाई है। कई बार नेताओं के ऐसे ब;यान सामने आते हैं जो उनकी संवे’दनही’नता के स्त;र पर सोचने के लिए मज’बूर करता है। कुछ ऐसा ही ब’यान आया है पंजाब से।

हाल ही में नीति आयोग की रिपो’र्ट सामने आयी है जिसमें ‘दीर्घका’लिक विका’स लक्ष्य सूच’कांक’ (Sustainable Development Goal Index) को दिखाया गया। इसमें पंजाब 2 अंक नीचे खि’सक गया है। इसका सीधा अर्थ है कि भू’कम’री का आँक’ड़ा पंजाब में बढ़ गया है लेकिन मंत्रियों को ये देखने की आवश्यकता ही नज़’र नहीं आती। बल्कि उनकी ओर से आया है एक ग़ै’र ज़ि’म्मेदा’राना ब’यान।

Punjab

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू का मानना है कि पंजाब में कोई भी भू’के नहीं सोता। उन्होने कहा कि “मुझे नहीं लगता, पंजाब में ऐसा कोई भी है, जो भू’खे पे’ट सोता है और अगर कोई ऐसा करता है, तो वह संभवतः वज़’न घ’टाने के लिए करता है।” आगे उन्होने कहा कि “पंजाब में हम लोगों की खु’राक इतनी स्वास्थ्यकर और समृद्ध है, किसी के भू’खे पे’ट सोने का स’वाल ही पै’दा नहीं होता।”

वहीं पंजाब के एक और मंत्री ने ब’यान दिया कि “हमारे यहाँ कभी भू’कम’री नहीं रही। सभी को काम करना चाहिए, यहाँ जो व्यक्ति काम करता है वो कभी भू’के नहीं म’र सकता। ये ग़ल’त आँक’ड़े हैं, हम तो आटा और दाल मुफ़्त में देते हैं, इंसान ख़ुद रोटी भी नहीं बना सकता?”भूकमरी को इस तरह न’कार देना कहाँ तक जाय’ज़ है देश के हाल पर कब स’त्ता पर बैठे व्यक्तियों की न’ज़र जाएगी ये तो आने वाला समय ही बताएगा।

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