मिस्त्री के आगे बड़े इंजीनियर भी हुए फेल, बिना ईंट से ही बना दिया पक्का मकान ,जाने कैसे

भागलपुर जिले के एक बढ़ई की इस समय जमकर तारीफ़ हो रही है, इन्होने जो कारनामा अंजाम दिया है,उसे देखने के लिए दूर दूर से लोग इन के घर पर आ रहे हैं और इनकी कलाकारी को सलाम कर रहे हैं.लोगों का कहना है कि इन्होने जिस तरह से यह कारनामा अंजाम दिया है,इन्हें इसके लिए इनाम मिलनी चाहिए.

आइये हम आप को बताते हैं कि भागलपुर जिले के इस बढ़ई ने कौन सा कारनामा अंजाम दिया है.जिसके बाद लोग इनकी तारीफ़ कर रहे हैं और इन्हें की सराहना कर रहे हैं.आप को बता दें कि इन्होने बिना ईंट के सिर्फ सीमेंट और रेत से ही पक्का मकान बनाने का कमाल कर दिखाया है.

इंजीनियरिंग के इस अद्भुत नमूने को जमीन पर उतारने वाले बढ़ई की कलाकारी ऐसी है कि इस घर की न सिर्फ दीवारें, बल्कि खिड़की और दरवाजों की चौखट भी सीमेंट और रेत से ही ढाली गई हैं.

इस माकन के निर्माण में एक भी ईंट नहीं लगी है.इस माकन के बन्ने के बाद बिहार में लोगों के बीच चर्चा का विषय बना है.दरअसल ईंट की महंगी दरों से परेशान होकर बढ़ई मिस्त्री ने न केवल अनूठा प्रयोग किया।

बल्कि ईंट रहित पक्के का मकान का निर्माण कर लोगों को हैरान कर डाला.भागलपुर घोघा थाना क्षेत्र के पन्नुचक निवासी गणपति शर्मा ने अनूठा प्रयोग कर लोगों को चौंका दिया. घोघा थाना क्षेत्र के पन्नुचक गांव के रहने गणपति शर्मा पेशे से तो बढ़ई मिस्त्री हैं।

लेकिन बिना ईंट का पक्का मकान का निर्माण कर राजमिस्त्री सहित लोगों को हैरान कर दिया है. दरअसल ईंट की मंहगी दरों से परेशान होकर बढ़ई मिस्त्री गणपत शर्मा ने एक अनूठा प्रयोग करते हुए ईंट रहित पक्के का मकान निर्माण कर दिया.

बिना ईटे के बने इस मकान में तीन कमरा और एक बरामदा के साथ अंडरग्राउंड कमरा भी है. वहीं मकान के अन्य हिस्सों में अभी भी निर्माण कार्य जारी है.ईंट रहित इस मकान की दीवार सात से आठ ईंच मोटी है,जिसे सीमेंट और रेत मिलकर छत की ढलाई की तरह बनाया गया है.

गणपति शर्मा ने बताया कि इस तरह से मकान निर्माण में अन्य मकान निर्माण के अपेक्षा 30 प्रतिशत कम लागत आता है.मकान निर्माण में राज मिस्त्री, मजदूर का सहारा नहीं लिया गया है.

परिवार के सदस्यों के सहयोग से ईंट रहित मकान का निर्माण किया गया है. मकान के दरवाजे व खिड़की के चौखट भी लकड़ी की बजाय सीमेंट व रेत से बना हैं.

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