पटना: बिहार में भाजपा-जदयू के बीच सब कुछ ठीक नज़र नहीं आ रहा है. बिहार भाजपा का एक गुट जदयू से अलग होना चाहता है जबकि एक दूसरा गुट है जो ये नहीं चाहता. बिहार में नितीश कुमार की आलोचना विपक्ष तो कर ही रहा है, साथ ही सत्ता पक्ष के भी कुछ लोग नितीश की आलोचना कर रहे हैं कि बाढ़ का कारण प्राक्रतिक नहीं बल्कि अव्यवस्था है.

बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील मोदी भी आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं. उनके बारे में माना जाता है कि वो भाजपा के उस गुट के हैं जो नितीश को मुख्यमंत्री बने रहने देना चाहता है. उन्होंने इस बारे में ट्वीट किया कि NDA एकजुट है.उन्होंने इस ट्वीट में लिखा कि नीतीश एक क़ाबिल शासक हैं. इस बयान के जरिए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच गठबंधन के भविष्य को लेकर संशय खत्म करने की कोशिश की.

इसके अलावा नितीश की आलोचना के बहाने कई नेताओं की पुरानी नाराज़गी भी नज़र आ रही है. नितीश कुमार और गिरिराज सिंह की लम्बी समय से खींचतान चलती रही है. भाजपा नेता गिरिराज सिंह के बयानों की नितीश आलोचना करते रहे हैं. गिरिराज अपने बयानों के लिए विवाद में अक्सर रहते ही हैं. अब जब बाढ़ से बिहार की राजनीति गरमाई तो गिरिराज सिंह ने उसमें तुरंत ही चौका मार दिया.

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार का खुलकर विरोध किया, जो राजनीतिक ताना बाना पिछले एक महीने से बुनना शुरू किया था. गिरिराज के बयानों के बारे में ये भी कहा गया कि कहीं न कहीं केन्द्रीय नेतृत्व की इसमें सहमति है. कुछ जानकार मानते हैं कि भाजपा के कुछ नेता लम्बे समय से जदयू से अलग होना चाहते हैं लेकिन अब वो मौक़ा आया है जब वो अपनी बात खुल कर कह रहे हैं.

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