बिहार विधानसभा में दा’गी नेताओं की भरमार, 68 फीसदी विधायकों की…

November 21, 2020 by No Comments

बिहार में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद एक बार फिर से राज्य में नीतीश कुमार के सरकार ने सप्ताह कायम कर ली है। लेकिन चुनाव के नतीजे यह बता रहे हैं कि राज्य की सियासत में इस बार द”बंग नेताओं का रुतबा काफी बढ़ गया है। नए सदन में दा’गियों और अमीरों की संख्या में इजाफा हुआ है।

चुनाव के बाद की हालत चुनाव के पहले से बेहतर नहीं हुई है और इससे यह साबित हो चुका है कि किसी भी पार्टी को दा’गी छवि रखने वाले नेताओं से कोई भी प’रहे’ज नहीं है। इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में अ’पराधि’क छवि वाले नेताओं को जमकर टिकट बांटे गए हैं।

 

गौरतलब है कि अ’पराधि’क सभी रखने वाले नेताओं के बारे में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश भी किसी पार्टी को विचलित नहीं कर पाया। जानकारी के मुताबिक नई विधानसभा के 68% विधायकों के खि’लाफ अदालतों में अ’पराधि’क मामले दर्ज हैं। इसके साथ ही नहीं विधानसभा में ऐसे सदस्यों की संख्या में 10 फ़ीसदी तक इजाफा हुआ है।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार की 243 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा के एक और राजद के एक सदस्य को छोड़ कर विधानसभा के 241 विधायकों के हलफनामे के अनुसार 163 के खि’ला’फ आ’परा’धिक मामले दर्ज हैं। जिनमें 51 प्रतिशत यानी करीब 123 पर ह’त्या, अ’पह’रण, ह’त्या के प्र’यास या महिलाओं के प्रति अ’पराध जैसे गं’भी’र आ’रोप हैं।

अगर रईसों की बात करें तो इनकी संख्या में भी खासी बढ़ोतरी हुई है। सोलहवीं विधानसभा में 162 यानी 67 प्रतिशत ऐसे सदस्य थे जिनकी संपत्ति एक करोड़ से अधिक थी। 2010 में 44 तो 2005 में मात्र आठ विधायक ही करोड़पति थे। जबकि इस बार इनकी संख्या 194 यानी करीब 81 फीसदी हो गई। भाजपा इसमें आगे है।

भाजपा के सर्वाधिक 89, जदयू के 88, राजद के 87 तथा कांग्रेस के 74 प्रतिशत सदस्यों की संपत्ति एक करोड़ या उससे अधिक है। भाजपा के विजयी हुए 74 सदस्यों में 66, जदयू के 43 में 37, राजद के 75 में 62 व कांग्रेस के 19 में 15 करोड़पति हैं।

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