पटना: बिहार चुनाव के प्रचार के अंतिम राउंड में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना आख़िरी कार्ड भी खेल दिया. अधिकतर मीडिया हाउसेस में और सोशल मीडिया पर जो चल रहा है उससे ऐसा लग रहा है कि तेजस्वी यादव अपने पक्ष में माहौल बनाने में कामयाब रहे हैं. तेजस्वी यादव की सभाओं में आ रही भीड़ NDA को बेचैन कर रही है. सबसे ज़्यादा बेचैनी जदयू में है. इसकी वजह ये है कि अगर जदयू चुनाव हार जाती है तो उसके लिए कई और मुश्किल राहें सामने आ जायेंगी.

ख़बर है कि नीतीश कुमार ने पूर्णिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कुछ ऐसा कह दिया जिसके बाद ऐसा लगता है कि उन्होंने अपने सारे राजनीतिक करीयर को महज़ इस चुनाव के लिए लगा दिया. उन्होंने सभा के दौरान कहा कि ये उनका आख़िरी चुनाव है. बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने धमदाहा में रैली में जनता से कहा कि आप जान लीजिए आज तीसरे चरण के प्रचार का आखिरी दिन है. अब परसों चुनाव है और ये मेरा अंतिम चुनाव है. अंत भला तो सब भला. अब आप बताइए वोट दीजिएगा ना इनको. हम इन्‍हें जीत की माला समर्पित कर दें. बहुत बहुत धन्‍यवाद.


उनके इस बयान के बाद कयास लगना शुरू हो गए हैं. असल में उनके इस संबोधन में भी उनकी बॉडी लैंग्वेज ऐसी थी कि मानो उन्हें भरोसा नहीं है कि वो ये चुनाव जीतेंगे. यही वजह है कि लोग मान रहे हैं कि ये उनका अंतिम दाँव है. हालाँकि उन्होंने ये दाँव चलने में बहुत देर कर दी या नहीं, ये आने वाला समय बताएगा.

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