बिहार में पिछले कई दिनों से ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि NDA गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। NDA के दो बड़े सहयोगी भाजपा और जदयू के बीच मतभेद लगातार नज़र आ रहे थे। फिर जब स्पीकर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन के अंदर नाराज़गी दिखाई तो लगा बात आगे बढ़ चुकी है।

जदयू और भजपा नेताओं में भी आये दिन बहस होती रहती है। माना जाता है कि दोनों पुराने सहयोगी ज़रूर हैं लेकिन दोनों पार्टियों की विचारधारा में ज़मीन आसमान का फ़र्क़ है। हालांकि भाजपा और जदयू नेताओं ये तू-तू मैं-मैं पहले भी चलती रही है और राजद नेता इसे नूरा-कुश्ती बताते रहे हैं।

इस बार भी राजद नेता यही कह रहे हैं। राजद नेताओं का दावा है कि जदयू और भाजपा नेता विपक्ष को कंफ्यूज करने के लिए ऐसी नूराकुश्ती चलाए रखते हैं। भाजपा और जदयू दोनों ओर से इस बार तनातनी लंबे समय से चल रही है।

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के घटनाक्रम का जायज़ा लेने के लिए कल सुबह बिहार भाजपा सांसदों की मीटिंग बुलाई है। ये मीटिंग पार्टी नेताओं का पक्ष जानने के लिए और जदयू से मतभेद के मामलों को सुलझाने का प्रयास मानी जा रही है।

हालांकि इस मीटिंग के बुलाए जाने से ज़ाहिर है कि बिहार NDA में कुछ तो ऐसा है जिसे सुलझाने का प्रयास अब ख़ुद प्रधानमंत्री मोदी को करना पड़ रहा है। इस मीटिंग को क्यूँ बुलाया गया है इस पर भाजपा की ओर से कोई क्लैरिटी नहीं दी गई है। इस मीटिंग के ज़रिए पार्टी अपने नेताओं को एकजुट करने का प्रयास करती दिख रही है।