बिहार से ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि अब जदयू और भाजपा गठबंधन किसी भी समय टू’ट सकता है. इस बात के कयास पिछले कई महीनों से लग रहे थे लेकिन अब ये ख़बर पक्की मानी जा रही है. जेडीयू नेता आरसीपी सिंह (RCP Singh) के इस्तीफे के बाद से ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सक्रिय दिख रहे हैं.

सूत्रों की मानें तो उन्होंने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से संपर्क साधा है. इसके बाद ख़बर आई कि बिहार के कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास को पटना भेजा जा रहा है. वहीं, जदयू ने मंगलवार को अपने सभी सांसदों और विधायकों की बैठक बुलाई है. उधर राजद और जीतन राम माँझी की पार्टी ‘हम’ भी अपने विधायकों की बैठक करेगी.

बिहार के ताज़ा सियासी घटनाक्रम को देखते हुए राज्य में राजनीतिक गलियारे में कई तरह के कयास लग रहे हैं, जिनमें एक यह भी है कि क्या नीतीश कुमार एनडीए का साथ छोड़ कांग्रेस का हाथ थामेंगे? बिहार की सत्ता को लेकर कयासबाजी ऐसे ही नहीं हो रही है, इसके पीछे नीतीश कुमार का बर्ताव भी कारण हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली नीति आयोग की बैठक नीतीश कुमार नहीं पहुंचे.

इससे पहले वह पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के विदाई समारोह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण में भी नहीं गए थे. इससे पहले 17 जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ध्वज को लेकर सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई गई, जिसमें नीतीश कुमार नहीं पहुंचे थे. वहीं, दूसरी ओर आरजेडी ने अपने सभी प्रवक्ताओं को नीतीश कुमार के खिलाफ बयानबाजी करने से मना किया है. सूत्रों के हवाले से नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव एक-दूसरे संपर्क में बताए जा रहे हैं.

वहीं, जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा है कि अब चिराग मॉडल की साजिश कामयाब नहीं होगी. इस पर एलजेपी नेता चिराग पासवान पलटवार करते हुए कहा है कि वह कोई मॉडल नहीं हैं, साथ ही उन्होंने नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार को सिर्फ सत्ता से प्यार है.

चिराग ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से कहा, ”मैं सकारात्मक राजनीति करता हूं. किसी का कोई मॉडल नहीं हूं. दूसरे का घर तोड़ने वाले के घर में ही आज फूट हो गई है. बेहतर होगा कि वे कारणों को बाहर चौराहे पर न तलाशें. नीतीश कुमार जी साल 2020 में भी Confusion में थे और आज भी Confused हैं. उन्हें चिराग पासवान ने नहीं, बिहार की 13 करोड़ जनता ने हराया था. मैं तो जनभावनाओं का प्रतिनिधि तब भी था और आज भी हूं. 2024 में हार का डर ऐसा घुस गया है कि मामा कंस की तरह मां देवकी के हर पुत्र को मार देना चाहते हैं. पहले मुझ पर हमला और अब आरसीपी सिंह पर. नहीं जानते कि सियासी वध के लिए कृष्ण ने अवतार ले लिया है. इस बार पाला बदलना भी काम नहीं आएगा.”

चिराग पासवान ने आगे लिखा, ”आज नीतीश कुमार जी यही कह रहे हैं कि मेरे नाक के नीचे भ्रष्टाचार करते रहे आरसीपी सिंह और फिर भी आप सुशासन बाबू कहलाते हैं. बिहार की जनता के साथ ये सरासार धोखा है और इसका जवाब बिहार की जनता ही देगी. ये तीन योद्धा जो बैठे थे, इनका ट्रैक रिकॉर्ड देखने के लिए ज्यादा पीछे जाने की जरूरत नहीं है. आसानी से पता चल जाएगा कि नीतीश कुमार जी को दरअसल डरना किससे चाहिए.”