बिहार में सियासी सरगर्मियों के बीच पूर्व CM के इफ्तार में पहुँचे CM नीतीश कुमार..

शुक्रवार के रोज़ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम माँझी ने इफ़्तार पार्टी का आयोजन किया. इस मौक़े पर राज्य का पूरा राजनीतिक कुनबा यहाँ नज़र आया. पटना में हुई इस इफ़्तार पार्टी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पहुँचे. यहां उन्होंने लाउडस्पीकर पर बैन को लेकर जारी विवाद पर प्रतिक्रिया दी.

उन्होंने कहा कि बिहार में इन सब चीजों से हमलोग सहमत नहीं हैं. ये सब फालतू चीज है, जिसको जो कहना है कहते रहे. हम इन सब से सहमत नहीं हैं. माँझी से नाराज़ चल रहे तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव इस इफ़्तार पार्टी में नहीं पहुँचे. उन्हें बुलाया गया था लेकिन दोनों ही माँझी से नाराज़ हैं.

नाराज़गी की वजह हाल ही में आयी वो ख़बरें हैं जिनमें कहा गया कि तेज प्रताप राजद से बग़ावत कर रहे हैं. इसके बाद तेज प्रताप ने लाइव कैमरा में कथित पत्रकार वेद प्रकाश को फ़ेक पत्रकार बताया. पत्रकार को जब मालूम हुआ कि तेज प्रताप भी रिकॉर्डिंग कर रहे हैं तो वो जल्दी से रफ़ू-चक्कर हो गया.

ये सब कैमरा में रिकॉर्ड हो गया. तेज प्रताप के क़रीबी लोगों का मानना है कि तेज प्रताप को बदनाम करने की ख़बरें पहले भी जीतन राम माँझी के द्वारा चलवाई जाती रही हैं. असल में पत्रकार को माँझी का क़रीबी माना जाता है. इस घटना के बाद राजद नेता ने कई पत्रकारों के ख़िलाफ़ मानहानि का दावा किया.

वहीं तेज प्रताप बाग़ी हैं, इस तरह की ख़बरें भी मीडिया से तुरंत ग़ायब हो गईं. तेज प्रताप ने माँझी पर पत्रकार के साथ मिलकर षड्यंत्र रचने का गंभीर आरोप लगाया. आपको बता दें कि माँझी की इस इफ़्तार पार्टी में मुख्यमंत्री के अलावा उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, मंत्री अशोक चौधरी, ‘हम’ नेता दानिश रिज़वान, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, जमुई सांसद चिराग पासवान समेत कई अन्य नेता शामिल हुए.

इस इफ़्तार पार्टी के दौरान नीतीश कुमार और माँझी वो पोस्टर थामे दिखे जिसमें पैग़म्बर मुहम्मद साहब का एक कथन ‘शराब हराम है’ लिखा था. असल में बिहार में नीतीश कुमार ने बहुत पहले से शराब पर पाबंदी लगा रखी है. नीतीश इस बैन का अलग-अलग मंच पर समर्थन करते आए हैं. ये बात और है कि राज्य में चोरी-छुपे शराब बिकने की ख़बरें अक्सर आती रहती हैं.

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