पटना: बिहार की राजनीति में कुछ तो ऐसा हो रहा है जिससे NDA में खलबली मची हुई है. इस बात की बड़ी वजह लालू यादव की बिहार में वापसी मानी जा रही है.क़द्दावर राजद नेता लालू यादव जल्द ही बिहार आने वाले हैं. विशेल्षक मानते हैं कि लालू NDA सरकार को गिराने की पूरी कोशिश करेंगे. ऐसा होने पर निगाहें उन पार्टियों पर लग जाती हैं जो छोटी हैं.

इनमें सबसे अहम् हम है. हम के नेता जीतन राम मांझी को लालू यादव का करीबी माना जाता है. लालू के बिहार आते ही अगर मांझी राजद के साथ गठबंधन कर लें तो इसमें किसी को ख़ास ताज्जुब नहीं होगा. हालाँकि मांझी ने इन कयासों को ठंडा करने की कोशिश की है और कहा है कि वह ऐसा कुछ करने नहीं जा रहे हैं.
Nitish kumar-Lalu Prasad Yadav

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम प्रमुख जीतनराम मांझी और बिहार सरकार में मंत्री एवं वीआईपी के प्रमुख मुकेश सहनी के मुलाकात पर बिहार में तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया था। कांग्रेस और राजद ने दावा करना शुरू कर दिया था कि अब नीतीश कुमार की गद्दी जाने वाली है। चर्चाओं का बाजार गर्म होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी सामने आए और बुधवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा कि एनडीए को छोड़कर जाने का कोई सवाल ही नहीं है।

एनडीए के साथ हैं और आगे भी रहेंगे। गौरतलब है कि हम की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में कुछ अहम फैसले लिए जाने को लेकर सियासी अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन, मांझी ने इस पर विराम लगा दिया.

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