बिहार की बोचहाँ विधानसभा सीट का उपचुनाव इतना दिलचस्प है कि यहाँ पर भाजपा, राजद और VVIP ने अपनी पूरी ताक़त लगा दी थी. इस एक सीट में इतना दम है कि अगर एक दो विधायक इधर-उधर का सोचें तो सरकार बदल जाए. इस सीत्की बढ़ी हुई एहमीयत को देखते हुए राजद ने तय कर लिया था कि ये सीट NDA के खाते से छीननी है.

बोचहाँ में राजद ने मज़बूत बढ़त बना ली है. राजद के अमर कुमार पासवान – 56 हजार 291 वोट, भाजपा की बेबी कुमारी – 32 हजार 498 वोट और वीआइपी की गीता कुमारी – 18 हजार 665 वोट मिले हैं. 17 राउंड की गिनती हो गई है और अब लगता है कि अमर पासवान को हराना लगभग असंभव है. भाजपा ख़ेमे में निराशा साफ़ देखी जा सकती है.

उसकी वजह ये है कि भाजपा का भूमिहार वोट राजद के पाले में जाता दिख रहा है. ये भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. वहीं राजद कैम्प में ख़ुशी दिख रही है. भाजपा के अलावा VVIP ख़ेमा भी ख़ासा निराश है. मुकेश सहनी को उम्मीद थी कि शायद यहाँ कुछ कमाल हो जाए लेकिन वो यहाँ बुरी तरह पिछड़ते दिख रहे हैं.

इसके अलावा दूसरी पार्टियों ने भी यहाँ प्रत्याशी खड़े किए थे लेकिन वो कुछ ख़ास करते नहीं दिख रहे हैं. कांग्रेस प्रत्याशी तरुण चौधरी को अब तक महज़ 1017 वोट मिले हैं, AIMIM ने यहाँ रिंकू देवी को चुनाव में टिकट दिया था, उन्हें 324 वोट मिले हैं. अन्य उपचुनाव की बात करें तो पश्चिम बंगाल की एक विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था, दोनों सीटों पर तृणमूल कांग्रेस आगे है.

आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में शत्रुघ्न सिन्हा 91000 से भी अधिक वोटों से आगे चल रहे हैं. महाराष्ट्र की एक सीट और छत्तीसगढ़ की एक सीट पर उपचुनाव हुआ था, दोनों पर कांग्रेस आगे है. छत्तीसगढ़ की खैरागढ़ सीट भी भाजपा कांग्रेस के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई मानी जा रही थी. यहाँ कांग्रेस 10 हज़ार से भी अधिक वोटों से आगे चल रही है.

पश्चिम बंगाल की ballygunge विधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस के बाबुल सुप्रियो 31624 वोट पाकर बढ़त बनाए हुए हैं. दूसरे नम्बर पर सीपीएम की सायरा हलीम हैं, उन्हें 23166 वोट मिले हैं. यहाँ भाजपा का बेहद बुरा हाल दिख रहा है. भाजपा की केया घोष को 4298 ही मिल सके हैं. वो अब तक की गिनती में चौथे स्थान पर हैं.