भाजपा के खिलाफ बनी तिकड़ी जल्द कर सकती है बड़ा ऐलान, लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी होंगी…

July 27, 2021 by No Comments

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष इस वक्त विपक्षी दलों के साथ आपसी तनाव खत्म करने की कोशिश में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि ममता बनर्जी साल 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए इस तरह के महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

बीते दिनों खबर सामने आई थी कि ममता बनर्जी दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के साथ मुलाकात करने वाली हैं।
बताया जाता है कि ममता बनर्जी 29 जुलाई तक दिल्ली में ही रहेगी और इस दौरान 28 जुलाई को वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर सकती है।

इस दौरान वह पश्चिम बंगाल में फंड और कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करेंगी। ममता बनर्जी के कांग्रेस के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी की ताकत बनाने की कोशिशों के बीच खबर सामने आई है कि भारतीय जनता पार्टी को भी इस बात का अंदाजा हो गया है कि ममता बनर्जी किस रणनीति पर काम कर रही है।

हाल ही में एनसीपी के प्रमुख शरद पवार और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बीच बैठक के बारे में मीडिया में एक सिद्धांत गैर-भाजपा, गैर-कांग्रेसी तीसरे मोर्चे को एक साथ लाने के प्रयास की शुरुआत को दर्शाता है। प्रशांत किशोर पवार से मिलने गए क्योंकि उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान बनर्जी का समर्थन किया था।

राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा के खिलाफ टीएमसी को खड़ा करने की चुनौती बनर्जी के लिए आसान नहीं होगी, फिर भी यह स्पष्ट है कि ममता मोदी विरोधी गठबंधन बनाने के लिए विपक्षी दलों से मिल रही हैं।

जो खुद को प्रधान मंत्री पद के लिए प्रेरित कर रही हैं, जबकि उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी सीएम का पद, जबकि कांग्रेस ने ममता के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया है। माना जा रहा है कि पेगासस जासूसी विवाद ने उन्हें एक आम दुश्मन के करीब ला दिया। जिसके बाद से विपक्षी दल एकजुट होना शुरू हो गए हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञ कपिल ठाकुर ने कहा, “चार साल से भी कम समय में, कांग्रेस जैसी पार्टियों के लिए राष्ट्रीय राजनीति में वापसी करना मुश्किल होगा। जहां तक ​​टीएमसी का सवाल है। ममता बनर्जी के लिए अपनी पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में पीएम मोदी के खिलाफ प्रमुख ताकतों में से एक के रूप में पेश करना भी उतना ही चुनौतीपूर्ण काम है।

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