साल 2019 जाते-जाते भारतीय जनता पार्टी को लगा’तार भूकं’प के झ’टके देता हुआ जा रहा है। पहले महाराष्ट्र विधानसभा में जो’ड़-तो’ड़ की कोशि’शों और एनसीपी के अजीत पवार के साथ सर’कार बनाने की ग’ठजो’ड़ की कोशिशों के बाद भी विप’क्ष की सीट ही हाथ लगना और अजित पवार से ग’ठजो’ड़ की कोशिशों की व’जह से उनकी अपनी पार्टी में विरो’ध के स्वरों का उठना और अब झारखंड में जारी विधानसभा चुनावों के बीच बीजेपी को एक और बड़ा झ’टका लगा है, क्योंकि झारखंड में प्रमुख प्रवक्ता और झारखंड आंदो’लन के अग्रणी नेताओं में शुमार प्रवीण प्रभाकर ने बीजेपी का साथ छो’ड़ दिया है और अब वह नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के टिक’ट पर झारखंड की नाला विधानसभा सीट से चु’नाव ल’ड़ेंगे।

ख़’बर है कि प्रवीण पार्टी में टिक’ट बं’टवा’रे को लेकर ना’राज़ थे। वहीं दूसरी और प्रवीण प्रभाकर का कहना है कि “भाजपा में नरेंद्र मोदी और अमित शाह के मार्गदर्शन ने मुझे काफी कुछ सीखने का अव’सर मिला है। उनके नेतृत्व में दे’श आगे बढ़ रहा है लेकिन झारखंड की जनता की आकां’क्षाओं पर लगातार आघा’त जारी है। मैंने झारखंड आंदोलन में अपना सर्वस्व न्यो’छावर कर दिया और एक बेह’तर झारखंड के निर्माण के लिए आजीवन सं’घर्ष करता रहूंगा। मुझे विश्वास है कि इसमें एनपीपी नेताओं का पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने कहा कि सं’घर्ष के रास्ते से ही शही’दों के सपनों का झारखंड बन पाएगा”

मेघालय के मुख्यमंत्री और नेशनल पीपु’ल्स पार्टी (एनपीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सी.के. संगमा और सांसद अगाथा संगमा समेत अन्य नेताओं ने पार्टी की राष्ट्रीय का’र्यकारि’णी बै’ठक में प्रवीण प्रभाकर को पार्टी की सदस्यता दिलाई। नेशनल पीपुल्स पार्टी की स्थापना पूर्व लोकसभा अध्यक्ष दिवं’ग’त पी.ए. संगमा ने साल 2013 में की थी और उनका सपना था कि नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) पूर्वोत्तर तक सी’मित ना रहकर, राष्ट्रीय द’ल के रूप में अन्य राज्यों में भी वंचि’तों के लिए काम करे। अभी हाल ही में एनपीपी को चु’नाव आ’योग ने राष्ट्रीय राजनी’तिक द’ल के रूप में मा’न्यता प्र’दान की है। झारखंड विधानसभा चु’नावों की शुरुआत होने के साथ आजसू के संस्थापक सदस्यों में शा’मिल रहे झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता और बीजेपी प्रवक्ता प्रवीण प्रभाकर का पार्टी छो’ड़ देना बीजेपी के लिए ख’तरे की घं’टी है।

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