चंडीगढ़: हरियाणा में भाजपा की परफॉरमेंस पिछली बार की तरह नहीं रही और वो बहुमत से दूर रह गयी. हालाँकि सबसे बड़ी पार्टी बनकर भाजपा ही उभरी लेकिन कांग्रेस ने जिस तरह का परफॉरमेंस किया उसके आधे की भी उम्मीद पार्टी से नहीं की जा रही थी. हरियाणा में भाजपा को निर्दलीय का साथ तो मिल गया लेकिन पार्टी चाहती है कि सरकार पर किसी तरह की कोई परेशानी न आये. इसी वजह से भाजपा ने जेजेपी का हाथ मिलाने का फ़ैसला किया है.

आपको बता दें कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 40 सीटें मिली हैं और उसे जेजेपी के 12 और 7 निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिला है. भाजपा ने जेजेपी से गठबंधन किया है और अब गठबंधन में तय हुआ है कि जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला को उपमुख्यमंत्री पद मिलेगा. इस पूरी कवायद से ऐसा लग रहा है कि खट्टर के कैबिनेट मंत्री अनिल विज खुश नहीं है. उनका कहना है कि जेजेपी से समर्थन मजबूरी में लिया गया है. उन्होंने कहा, ‘जेजेपी से गठजोड़ मजबूरी है’.

वहीं बीजेपी विधायक दल की बैठक के बाद सीएम मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सीएम खट्टर को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है और अब वह सभी विधायकों के साथ राज्यपाल के पास सरकार दावा पेश करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गोपाल कांडा से कोई समर्थन नहीं लिया जा रहा है. कुल मिलकर अभी तो भाजपा की सरकार बनने का रास्ता राज्य में साफ़ हो गया है लेकिन लम्बे समय के लिए सियासी मामले कैसे होंगे ये कहना आसान नहीं है.

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