बेंगलुरु: कर्नाटक पिछले दिनों जिन ख़बरों के लिए चर्चा में रहा है वो कोई अच्छी नहीं हैं. राज्य में साम्प्रदायिकता इस समय बहुत बढ़ गई है, कई जानकार इस तरह की बातें कह रहे हैं कि सरकार भी इसको रोकने का उचित प्रयास नहीं कर रही है. सरकार के मंत्री भी इस बात को लगातार इग्नोर कर रहे हैं या फिर इसको बढ़ावा ही दे रहे हैं.

अब ख़बर आ रही है कि कर्णाटक में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया, पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी और प्रसिद्ध प्रगतिशील साहित्यकार के. वीरभद्रप्पा सहित 64 लोगों को जान से मारने की ध’मकी वाले संदेश मिले हैं. ये संदेश सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहे हैं. पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा कड़ी करने पर विचार किया है.

कर्नाटक में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस संदेश में कहा गया है, “मौत आपके चारों ओर छिपी है, मरने के लिए तैयार रहें. मैसेज करने वाले बदमाशों ने खुद को सहिष्ण हिंदू बताया है. पत्र में आगे लिखा है कि आप विनाश के रास्ते पर हैं. मृत्यु आपके बहुत करीब है. आप तैयार रहें. मौत आपको किसी भी रूप में मार सकती है. अपने परिवार के सदस्यों को सूचित करें और अपने अंतिम संस्कार की व्यवस्था कर लें.”

पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सरकार को इस तरह की धमकियों को हलके में नहीं लेने की चेतावनी दी है. उन्होंने सत्तारूढ़ बीजेपी से प्रगतिशील विचारक और लेखक के. वीरभद्रप्पा और राज्य में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पर सरकार की चुप्पी का विरोध करने वाले अन्य लेखकों को भी सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया.

कार्यकर्ता और लेखक प्रो. एम.एम. ने कहा कि राज्य के विकास ने चिंता पैदा कर दी है. अदालत के फैसले के खिलाफ हिजाब विवाद और मुस्लिम संगठनों के विरोध के बाद, हिंदू संगठनों ने मंदिरों में मुस्लिम व्यापारियों पर प्रतिबंध लगाने, हलाल का’टे हुए मांस, मुस्लिम मूर्तिकारों, आम व्यापारियों और यहां तक कि ड्राइवरों और परिवहन कंपनियों द्वारा बनाई गई मूर्तियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है.

कुल मिलाकर कर्णाटक में इस समय वो सब कुछ हो रहा है जिसकी चर्चा नहीं होनी चाहिए. इस सारे मामले में सरकार पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं. विपक्षी कांग्रेस और जद (एस) ने इन घटनाक्रमों के लिए सत्तारूढ़ बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है और आरोप लगाया है कि वह समाज में अशांति पैदा करने के लिए हिंदू संगठनों को सहायता और बढ़ावा दे रही है.