मुंंबई: रिपब्लिक टीवी के एंकर अर्नब गोस्वामी को बॉम्बे उच्च न्यायलय से ज़मा’नत नहीं मिली है. अदा’लत ने उन्हें कहा है कि वो नि’चली अदालत में जाएँ. अर्नब गोस्वामी के लिए ये एक झ’टका माना जा रहा है. लो’अर कोर्ट चार दिन के अंदर ज’मानत की उनकी अ’पील पर फै’सला करेगा. अर्नब गोस्वामी फ़िलहाल जे’ल की स’लाख़ों के पीच ही रहेंगे. बॉ’म्‍बे हाईको’र्ट में सु’नवाई के पहले अर्नब ने सोमवार दोपहर जमानत के लिए सेशन कोर्ट का रुख किया है.

एक इंटीरियर डिजाइनर और उनकी मां को खु’दकु’शी के लिए क’थित रूप से उ’कसाए जाने के मामले में गिर’फ्तार रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब को हाईकोर्ट ने रा’हत देने से इन’कार कर दिया था. अर्नब हालाँकि बा’क़ा’यदा पु’लिस क’स्टडी में लिए गए हैं लेकिन अर्नब अपने टीवी प्रो’ग्राम की तरह समझ रहे थे कि सिर्फ़ वही बोलेंगे और कोई नहीं.

गि’रफ्तारी के बाद अर्नब को रायगढ़ जिले के अलीबा’ग जेल के लिए को’विड-19 केंद्र में न्यायि’क हि’रासत में रखा गया था, लेकिन यहां उन पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने का आरो’प लगा, जिसके बाद उन्हें तलोजा जेल भेज दिया गया. रायगढ़ क्राइम ब्रांच ने अर्नब को किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए और सोशल मीडिया ए’क्टिव पाया गया, जबकि चार नवंबर को पुलि’स ने जब अर्नब को हिरा’सत में लिया था तो उनका निजी मोबाइल जब्त कर लिया गया था. अर्नब ने कई तरह के ड्रा’मे यहाँ भी किये लेकिन उनकी यहाँ एक भी न चली.

बता दें कि अर्नब गोस्वामी, फिरोज शेख तथा नीतीश सारदा को अली’बाग पु’लिस ने चार नवंबर को आर्किटेक्ट एवं इंटीरियर डिजा’इनर अन्वय नाइक और उनकी मां की 2018 में आ’त्मह’त्या के सिलसिले में गि’रफ्तार किया था. आरोप है कि अर्नब गोस्वामी और अन्य आरोपि’यों ने जो प्र’ताड़’ना दी उसकी वजह से उन्हें आ’त्मह’त्या करनी पड़ी.

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