पिछले दिनों हमने आपको ख़ूबसूरत तस्वीरों से भरी लद्दाख़ यात्रा की कहानी बताती एक कॉफ़ी टेबल बुक के बारे में बताया था।उसी किताब के साथ हमें मिली थी एक और किताब जिसका नाम है स्पिती। जी हाँ जैसा कि नाम से ही ज़ाहिर है इस किताब में है हिमाचल प्रदेश के पास हिमालय की गोद में बसे स्पिती के बारे में । पहली किताब में जिस तरह से उल्लेख है लद्दाख़ का कुछ इसी तरह इस किताब में उल्लेख है स्पिती का, फिर भी ये किताब पहली किताब से अलग भी है कैसे? चलिए जानते हैं

लेखक महेंद्र सिंह इस यात्रा में अपनी पत्नी के साथ गए थे। वैसे तो स्पिती जाने के लिए मनाली और शिमला दोनों ही जगह से रास्ता है लेकिन लेखक ने मनाली का रास्ता चुना और हिंदुस्तान तिब्बत रोड से होते हुए स्पिती पहुँचे। इस रास्ते में उन्होने बर्फ़ीली पहाड़ियों के साथ-साथ बेहतरीन नज़ारे देखे और जैसा कि उनका अन्दाज़ है इस किताब। में भी ख़ूबसूरत तस्वीरों के ज़रिए पाठकों को भी स्पिती के ख़ूबसूरत दृश्य से रूबरू करवाया गया है।

इस किताब की ख़ास बात ये है कि इसमें स्पिती के रास्ते से जुड़ी तमाम जानकारियाँ तो हैं ही लेकिन वहाँ मिलने वाले जीवों की तस्वीरें इस यात्रा को हम तक सिर्फ़ एक दस्तावेज़ की तरह ही नहीं पहुँचने देती है बल्कि इसे जीवंत कर देती है। कई ऐसे वन्य जीवों की तस्वीरें देखकर मन ख़ुशी से झूम उठा और उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में देखकर एक तसल्ली का एहसास भी हुआ। बर्फ़ीला चीता, हिमालय में पाया जाने वाला भूरा भालू और भी न जाने कितने प्यारे जीव और उनके साथ ही कुछ अवशेषों की तस्वीरें भी मानो वहाँ के वातावरण की ख़ूशबू पढ़ने वाले तक पहुँचती है।

पहाड़ों में बसने वाले गाँव और उनके घर किस तरह होते हैं ये भी हम देख पाते हैं। यही नहीं भारत का सबसे ऊँचाई में स्थित डाकघर देखकर तो अलग सी ख़ुशी हुई। डाकघर वैसे ही जनाए कितने लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करते हैं और उस पर शायद वहाँ जाकर सभी अपने घर एक ख़त रवाना कर ही देते होंगे। इस किताब में स्पिती से जुड़ी हर बात को बख़ूबी बयान करती है। इस किताब को पढ़ते हुए सहज ही स्पिती जाने का मन हो आया।

अगर किसी काल्पनिक किताब को पढ़ते हुए आपका मन उस कहानी में जीने लगे और हर दृश्य को महसूस करने लगे तो मानिए कि लिखने वाले ने शब्दों ओ जीवंत कर दिया है। उसी तरह जब आप यात्रा वृतांत को पढ़ते हुए उस जगह जाने के बारे में सोचने लगते हैं तो लिखने वाले ने यात्रा का आनंद आप तक पहुँचा दिया है और इस किताब में तो तस्वीरें भी हैं जो आपको स्पिती जाने के लिए ललचा देती हैं।

साभार: www.sahityaduniya.com

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