महाराष्ट्र सरकार को चु’नौती देते हुए NCP- कांग्रेस- शिवसेना ने सुप्रीम को’र्ट में चु’नौती पेश की थी। जिस पर अभी सुनवाई शुरू हो चुकी है। कल इस सुनवाई पे को’र्ट ने सभी प’क्षों को नो’टिस जारी किया था और केंद्र, फडनवीस और अजीत पवार को सभी ज़रूरी काग़ज़ात पे’श करने का आ’देश दिया था। आज सभी प’क्ष वहाँ पहुँचे हैं। देवेंद्र फडनवीस की ओर से इस बात पर दली’ल करने के लिए मुकुल रोहतगी पहुँचे हैं। कोर्ट में राज्यपाल की चिट्ठी और साथ ही देवेंद्र फडनवीस के विधायकों की लिस्ट साथ ही NCP के 54 विधायकों के सम’र्थन की चिट्ठी सौंपी है। चिट्ठी के अनुसार उनके पास 170 विधायकों का सम’र्थन था जिसे देखने के बाद ही राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने की मंज़ूरी दी।

को’र्ट ने कहा कि समर्थन की चिट्ठी सौंपने पर राज्यपाल का भाजपा को सरकार बनाने के लिए कहना ग़ल’त नहीं है क्योंकि समर्थन पत्र की सत्यता जाँचना राज्यपाल का काम नहीं है। इस तरह से राजपाल की भूमिका यहाँ सही साबित होती है। अब कोर्ट ने उस चिट्ठी की माँ’ग की है जो राज्यपाल ने फडनवीस को सरकार बनाने के लिए दी थी। आपको बता दें कि देवेंद्र फडनवीस की ओर से दिया गया सम’र्थन पत्र मराठी में होने के कारण कोर्ट ने सवाल रखा कि इस चिट्ठी का अनुवाद क्यों पे’श नहीं किया गया? इसके बाद ये चिट्ठी पढ़कर सुनायी जा रही है।

देवेंद्र फडनवीस की ओर से को’र्ट में ये कहा कि जब उन्हें अजीत पवार की ओर से सम’र्थन की चिट्ठी सौंपी गयी तो उन्होंने सरकार बनाने के लिए दा’वा पे’श किया। कल से ही सरकार बनाने का दा’वा पे’श करने और अचा’नक सरकार बनाए जाने के पर कोर्ट में राज्यपाल की भूमिका पर सवा’ल उठे थे कि वो केंद्र के द’बाव में काम कर रहे हैं और अपनी भूमिका को ठीक से नहीं निभा रहे हैं। इसके बाद आज को’र्ट में उनकी भूमिका पर उठ रहे सवा’लों को दूर करने का प्रया’स किया गया है।

लेकिन इस बात पर को’र्ट ने सवा’ल किया कि “राज्यपाल की भूमिका पर हमारा सवा’ल नहीं है लेकिन क्या अभी अजीत पवार के पास कोई ऐसा है जो ये कहे कि वो उनके साथ है? क्योंकि कल NCP की ओर से कहा गया है कि कोई भी अजीत पवार के साथ नहीं हैं। लेकिन सरकार को फ़्लो’र टेस्ट तो देना ही होगा। जैसा कल मा’मला आया है कि सरकार के पास कोई बहुम’त नहीं है”

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