सिद्धू और कैप्टन के बीच चल रही रार पर कांग्रेस का बड़ा ऐलान, 2022 का चुनाव होगा…

August 25, 2021 by No Comments

अगले साल देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जिनमें से दो राज्य काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। एक है उत्तर प्रदेश तो दूसरा है पंजाब। उत्तर प्रदेश में जहां इस वक्त भाजपा की सरकार है। वहीं पंजाब में कांग्रेस पार्टी सत्तारूढ़ है। लेकिन पंजाब में इस वक्त कांग्रेस के बीच चल रही त’नातनी से विपक्षी दलों को सियासी फायदा मिल सकता है।

दरअसल पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस के दिग्गज नेता नवजोत सिंह सिद्धू के बीच बीते कुछ समय से तनातनी का माहौल बना हुआ है। कुछ वक्त से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को तब्दील करने की मांग भी उठ रही है। इसे लेकर पार्टी के 5 नेता उत्तराखंड के देहरादून में हरीश रावत से मुलाकात करने के लिए पहुंचे थे।

पंजाब कांग्रेस प्रभारी ने दो टूक कहा है कि कांग्रेस पार्टी साल 2022 में भी कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में ही चुनाव लड़ेगी।
दरअसल पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी में चल रहा सियासी दं’गल खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। नवजोत सिंह सिद्धू और अमरिंदर सिंह खेमे के बीच रस्साकशी चल रही है।

कुछ विधायकों के साथ पंजाब सरकार के चार मंत्रियों ने हरीश रावत से देहरादून में मुलाकात कर सियासी हलचल और भी ज्यादा तेज कर दी है। दरअसल हरीश रावत ने कहा है कि यह एक परिवार का मामला है इस मामले को सुलझा लिया जाएगा। आने वाला चुनाव हम कैप्टन अमरिंदर सिंह के ही नेतृत्व में लड़ेंगे।

हरीश रावत से मुलाकात करने वाले नेताओं में कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुकविंदर सिंह सरकारिया, सुखजिंदर सिंह रंधावा और चरणजीत सिंह चन्नी शामिल रहे। अमरिंदर सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के खेमों के बीच सत्ता को लेकर खींचतान मंगलवार को उस वक्त तेज हो गई।

जब चार कैबिनेट मंत्रियों और पार्टी के कई विधायकों ने सीएम को हटाने की मांग करते हुए कहा कि वह चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं। अमरिंदर खेमे ने भी मोर्चा खोला और सिद्धू को निशाना बनाया गया। सिद्धू के दो सलाहकारों की राष्ट्र विरोधी एवं पाकिस्तान समर्थक टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

सीएम समर्थक नेताओं ने आलाकमान को चेतावनी दी कि पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले ये टिप्पणी कांग्रेस को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।

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