पटना: राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव भले पिछले कुछ समय से जेल के अन्दर और बाहर का चक्कर लगा रहे हों लेकिन बिहार की राजनीति में अभी भी उनका जलवा वैसे ही क़ायम है जैसे पहले हुआ करता था. अब उनकी उम्र बढ़ गई है और सेहत भी उनकी ठीक नहीं रहती लेकिन राजनीतिक दाँव पेंच में लालू का आज भी कोई जवाब नहीं.

बिहार के बोचहाँ उपचुनाव में राजद की जीत से कार्यकर्ता पहले ही उत्साहित हैं और अब ख़बर है कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले से जुड़े डोरंडा कोषागार मामले में ज़मानत मिल गई है। यह चारा घोटाले से जुड़ा पांचवा मामला है, जिसमें उन्हें झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। सीबीआई ने ज़मानत का बहुत विरोध किया था लेकिन अदालत ने लालू को ज़मानत दे दी.

लालू की ज़मानत की ख़बर से जदयू और भाजपा नेताओं में चिंता दिख रही है. राजद प्रमुख के वकील ने बताया कि उन्हें आधी सजा काट लेने और खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत दी गई है। उन्हें जल्द रिहा किया जाएगा। लालू यादव को एक लाख रुपये का बांड व जुर्माने के 10 लाख रुपये चुकाना होंगे।राजद प्रमुख को चारा घोटाले से जुड़े चार मामलों में पहले सजा मिल चुकी है और उनमें जमानत भी मिल गई है।

यह मामला डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का है। झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जमानत दे दी। 27 साल बाद कोर्ट ने फरवरी में डोरंडा कोषागार मामले में फैसला सुनाया था। इसमें लालू यादव को दोषी पाया गया था। उन्हें पांच साल की कैद व जुर्माना की सजा सुनाई गई थी।

सीबीआई ने 1996 में अलग-अलग कोषागारों से गलत ढंग से अलग-अलग राशियों की निकासी को लेकर 53 मुकदमे दर्ज किए थे। इनमें से डोरंडा कोषागार का मामला सबसे बड़ा था।इसमें सर्वाधिक 170 आरोपी शामिल थे। 55 आरोपियों की मौत हो चुकी है। चाईबासा कोषागार से 37.7 करोड़ के अवैध निकासी में लालू जमानत पर हैं। इसमें उन्हें 5 साल की सजा हुई थी।

देवघर कोषागार से 79 लाख के अवैध निकासी के घोटले के दूसरे मामले में भी वे जमानत पर हैं। इस मामले में उन्हे साढ़े 3 साल की सजा सुनाई गई थी। उन्हें 33.13 करोड़ के चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के तीसरे मामले में भी जमानत मिली थी। इस मामले में उन्हें 5 साल की सजा हुई थी। दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ की अवैध निकासी के चौथे मामले में उन्हें दो अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उसमें भी वे जमानत पर हैं।