उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक जुलूसों के दौरान दो पक्षों के बीच हो रही हिंसा पर संज्ञान लिया है. उन्होंने एक आदेश जारी किया है जिसके मुताबिक़ कोई भी धार्मिक जुलूस बिना अनुमति के नहीं निकाला जा सकेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से जारी ट्वीट में कहा गया है कि कोई शोभायात्रा या धार्मिक जुलूस बिना विधिवत अनुमति के न निकाली जाए.

इस ट्वीट में आगे कहा गया है कि अनुमति से पूर्व आयोजन से शान्ति सौहार्द क़ायम रखने के सम्बन्ध में शपथ पत्र लिया जाए. मुख्यमंत्री ने आगे आदेश दिया है कि अनुमति केवल उन्हीं धार्मिक जुलूसों को दी जाए जो पारम्परिक हों, नए आयोजनों को अनाव्यशक अनुमति न दी जाए. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को अधिक संवेदनशील रहने का निर्देश दिया है.

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने रमजान, ईद और अक्षय तृतीय जैसे त्योहारों को लेकर सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए. योगी ने तहसीलदार, उप जिलाधिकारी (एसडीएम) क्षेत्राधिकारी (सीओ) और थाना प्रभारियों को अपनी तैनाती के क्षेत्र में ही रात्रि विश्राम करने के निर्देश दिये और उच्चाधिकारियों को इस व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा.

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने थाना प्रभारी, सीओ, पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और मंडलायुक्त समेत सभी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों का चार मई तक का अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्देश दिया. यहां जारी सरकारी बयान के अनुसार योगी ने कहा कि हर एक पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हो, इसके लिए स्थानीय जरूरतों के अनुसार सभी जरूरी प्रयास किए जाएं और शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ कड़ाई से पेश आएं.

माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता बरती जाए. ऐसे लोगों के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व-त्योहार हैं. रमजान का महीना चल रहा है और ईद का त्योहार और अक्षय तृतीया एक ही दिन होना संभावित है. ऐसे में वर्तमान परिवेश को देखते हुए पुलिस को अतिरिक्त संवेदनशील रहना होगा.

उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी से लेकर एडीजी तक अगले 24 घंटे के भीतर अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ सतत संवाद बनाएं. उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम, पूजा-पाठ आदि निर्धारित स्थान पर ही हों और यह सुनिश्चित करें कि सड़क मार्ग, यातायात बाधित कर कोई धार्मिक आयोजन नहीं हो.

योगी ने कहा कि अपनी धार्मिक विचारधारा के अनुसार सभी को अपनी उपासना पद्धति को मानने की स्वतंत्रता है. उन्होंने कहा कि माइक का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित हो कि माइक की आवाज उस परिसर से बाहर न आए. अन्य लोगों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी स्पष्ट कहा कि नए स्थलों पर माइक लगाने की अनुमति नहीं दी जाए.

मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करने, ड्रोन का उपयोग कर हर स्थिति पर नजर रखने और प्रतिदिन सायंकाल पुलिस बल को पैदल गश्त करने के निर्देश दिये. उन्होंने पिछले दिनों लखनऊ पुलिस आयुक्तालय के गुडंबा थाना क्षेत्र में गोलीबारी की घटना का संज्ञान लेते हुए संबंधित आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित करने के निर्देश दिये.