पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर राजनिति पूरी तरह से गरमाई हुई है सभी पार्टिया सत्ता पाने के लिए अपना-अपना दाव खेल रही है
बंगाल चुनाव में भाजपा और टीएमसी के बिच टक्कर दिख रही है भाजपा लगातार अपने दाव खेल रही है वही टीएमसी भी सत्ता को बचाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में कुछ ही दिन बचे है सभी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है पश्चिम बंगाल चुनाव पर सभी की नज़रे टिकी हुई है सभी पार्टिया अपने चुनावी वादों से जनता को लुभाने का पूरा प्रयास कर रही है वही एक दूसरे पर निशाना साध रही है, पश्चिम बंगाल में हो रहे विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार तय करने के लिए कांग्रेस ने ख़ामोशी से अपनी रणनीति बदली है, बीजेपी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की अपनी मुहिम के तहत पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के कहने पर पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के सहयोगी दलों राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी के समर्थन का एलान किया है, इतना ही नहीं शरद पवार, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के पक्ष में प्रचार भी करेंगे.

सूत्रों ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की एंट्री रोकने के लिए पार्टी ने पूरा चुनाव राज्य कांग्रेस पर छोड़ दिया है, इतना ही नहीं गांधी परिवार ने भी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से दूरी बना ली है, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी सहित पार्टी के बड़े नेता केरल, असम और तमिलनाडु में दौरे कर चुके हैं लेकिन पश्चिम बंगाल जाने से परहेज किया. जब सूत्रों से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की स्टार प्रचारकों की लिस्ट के बारे में पूछा गया तो सूत्रों ने कहा कि स्टार प्रचारकों की लिस्ट एक औपचारिकता होती है, जो हर चुनाव में जारी की जाती है.सूत्रों ने कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा यही होगा कि पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह सहित पार्टी के कद्दावर नेता औपचारिकता पूरी करने के लिए डिजिटल रैली को संबोधित करें या मतदाताओं के नाम पत्र लिखकर अपील करें.

सूत्रों ने कहा कि पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव इसलिए भी किया है क्यों कि पार्टी नहीं चाहती कि पश्चिम बंगाल में सेकुलर वोटों के विभाजन का लाभ बीजेपी को मिले और ममता की पराजय का ठीकरा कांग्रेस के ऊपर फोड़ा जाए. सूत्रों ने कहा कि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में पार्टी के रणनीति बदलने के पीछे पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी संबंध हैं.सूत्रों ने कहा कि पिछले दिनों पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच कई बार फोन पर बात हो चुकी हैं.इतना ही नहीं नंदीग्राम हादसे के बाद सोनिया गांधी फोन पर ममता बनर्जी का हाल चाल भी पूछती रही हैं.

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