पटना: राजस्थान से ख़बर आ रही है कि यहाँ हुए लोकल चुनाव में कांग्रेस ने बाज़ी मा’री है. राज्य के तीन बड़े शहरों जयपुर, जोधपुर और कोटा के 6 नगर निगम चुनाव में भाजपा कांग्रेस से कमज़ोर साबित हुई है. इन शहरों के कुल 560 वार्डों में से कांग्रेस ने 261 वार्ड जीते हैं जबकि भाजपा 242 पर जीत हासिल कर सकी है. अन्य के खातों में 57 वार्ड आये हैं. असल में माना जाता है कि शहरी क्षेत्र में भाजपा का दबदबा रहता है लेकिन इस बार कांग्रेस ने भाजपा को चौंका दिया है.

इन 6 में से कांग्रेस 3 में अपना मेयर बनाने की स्थिति में है जबकि दो पर भाजपा अपना मेयर बना सकेगी. जानकार मानते हैं कि भाजपा इसमें संतोष कर रही है कि कम से कम 2 मेयर तो उसके हो जायेंगे. हालाँकि राज्य भाजपा जानती है कि ये एक बड़ा झटका है. विश्लेषक मानते हैं कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी कांग्रेस पार्टी के लिए ‘दो निगम-दो मेयर’ का जो नारा दिया था, वो अब मास्टर स्ट्रोक बनता दिख रहा है.

आपको बताएं कि राजस्थान के शहरी विकास धारीवाल फॉर्मूले के ज़रिए ही कांग्रेस की ये जीत संभव हुई है. उल्लेखनीय है कि कांग्रेस सरकार आते ही पिछले साल 14 अक्टूबर को तीनों शहरों में 3 की जगह 6 नगर निगम बनाए गए. तीनों शहरों में वार्ड भी 221 से बढ़ाकर 560 कर दिए. इसके शिल्पकार रहे यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल. इसी फोर्मुले की वजह से भाजपा को जयपुर ग्रेटर में स्पष्ट बहुमत तो मिला लेकिन जोधपुर उत्तर में भाजपा जीती तो दक्षिण में कांग्रेस ने झंडा फहरा दिया. कोटा के उत्तर नगर निगमों में कांग्रेस ने भाजपा को पछाड़ दिया जबकि कोटा दक्षिण में कांग्रेस और भाजपा बराबर सीटें जीतीं तो निर्दलीय के हाथ में अब चाबी आ गई.कुल मिलाकर कांग्रेस की रणनीति ने भाजपा को मज़बूत होने नहीं दिया.

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