कांग्रेस में सियासी घमा’सान मचा हुआ है जिसके चलते कांग्रेस में पार्टी नेतृत्व की मांग को लेकर घमा’सान मचा हुआ है। सोमवार को होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति की वर्चुअल बैठक के चलते ये खबर आयी थी की कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद की ओर से इस्तीफे की पेशकश की खबर आई थी, जिसपर अब उनकी ओर से सफाई आई है। गुलाम नबी आजाद द्वारा कहा गया कि,  उन्हें राहुल गांधी और सोनिया गांधी से कोई दि’क्कत नहीं है और उन्होंने उनकी वजह से इस्तीफे की पेशकश नहीं की थी। गुलाम नबी आजाद द्वारा कहा गया कि,  उन्होंने बैठक में कुछ कांग्रेस नेताओं के बयान पर इस्तीफे की पेशकश की थी और उन्हें राहुल-सोनिया से कोई दि’क्कत नहीं है।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा लिखी गई एक चिट्ठी को लेकर बैठक में राहुल गांधी द्वारा एक बयान दिया गया है, उस बयान की वजह से पड़ती नेताओं में नारा’ज़गी देखने को मिल रही है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद द्वारा इस्तीफे की बात कही गई थी। वहीं राहुल गांधी द्वाद इस चिट्ठी के इरादों के पीछे संदेह जताते हुए कहा गया था कि, यह चिट्ठी बीजेपी के साथ सांठगांठ में लिखी गई है। सूत्रों ने कहा था कि, गुलाम नबी आज़ाद ने इस बयान पर ना’राजगी जताते हुए कहा कि “अगर बीजेपी से सांठगांठ की बात साबित हो जता है तो वो पार्टी से इस्तीफा दे देंगे।”

आयोजित की गई इस बैठक में राहुल गांधी द्वारा सोनिया गांधी को लिखे गए पत्र की टाइमिंग को लेकर गुस्सा जताया गया था। राहुल गांधी द्वाद पार्टी में नेतृत्व के मुद्दे पर सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले नेताओं पर निशा’ना साधा गया और कहा कि, जिस वक्त पत्र भेजा गया उस समय सोनिया गांधी बीमा’र थी। राहुल गांधी द्वारा पत्र के समय पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि “जब कांग्रेस मध्य प्रदेश और राजस्थान के सियासी संकट का सामना कर रही थी, जब अध्यक्ष बीमार थी, तब ही चिट्ठी क्यों भेजी गई।” उन्होंंने यह भी कहा कि चिट्ठी बीजेपी के साथ सांठगांठ में लिखी गई है

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