बीजेपी के ग’ढ़ में जीती कांग्रेस, इस सीट पर दोनों पार्टियों में थी विरासत की ल’ड़ाई..

October 28, 2019 by No Comments

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरकर सामने आई है। लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि राज्‍य में बीजेपी के कई दिग्‍गजों को हार भी मिली है।

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पंकजा मुंडे अपने गढ़ परली से चुनाव हा’र गई हैं। पंकजा को उनके चचेरे भाई धनंजय मुंडे से मात मिली है। गौरतलब है कि पंकजा मुंडे भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता रह चुके गोपीनाथ मुंडे की बेटी हैं और राजनीति उन्हें विरासत में मिली है। लेकिन परली विधानसभा सीट से पंकजा मुंडे को उनके पिता की विरासत भी नहीं बचा पाई है।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में एनसीपी नेता धनंजय मुंडे ने अपनी बहन को लगभग 30000 वोटों से शिकस्त दे दी है। धनंजय मुंडे को 121186 वोट मिले तो वहीं पंकजा मुंडे को मात्र 90418 वोट हासिल हुए। हा’र के बाद बीजेपी नेता पंकजा मुंडे ने इसे ‘अनपेक्षित और उम्मीदों से परे’ बताया लेकिन साथ ही कहा कि वह विनम्रता से जनादेश को स्वीकार करती हैं।

पंकजा ने कहा है कि मैं विनम्रता से जनादेश स्वीकार करती हूं। इस परिणाम की उम्मीद ही नहीं की थी। पिछले पांच सालों में किए विकास कार्यों और लोगों से मिली प्रतिक्रिया को देखते हुए मैंने ऐसे नतीजे की आशा नहीं की थी। गौरतलब है कि बीजेपी नेता पंकजा मुंडे ने अपने पिता गोपीनाथ मुंडे की विरासत के साथ-साथ इस इलाके में आर्टिकल 370, तीन तलाक और पाकिस्तान को भी बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश की थी। लेकिन शायद परली विधानसभा के लोग स्थानीय मुद्दों को लेकर ज्यादा गंभीर थे। जिसपर पंकजा मुंडे ने कोई बातचीत नहीं की।

बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर पंकजा मुंडे के खिलाफ नाराजगी बहुत ज्यादा थी। लोगों का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी नेता पंकजा मुंडे के मुकाबले एनसीपी नेता धनंजय मुंडे ने ज्यादा काम करवाया है इसीलिए जनता ने इस बार उन्हें ही अपना एमएलए चुना है। वहीँ एनसीपी नेता ने यह भी कहा कि वह अगले पांच सालों में लोगों से किए विकास से संबंधित सभी वादों को पूरा करेंगे।

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