कोरो’नावाय’रस की महामा’री से लोग काफी परे’शान है और सबसे ज़्यादा परे’शानी तो लोगों को क्वारंटा’इन करने में आ रही है। देश में मौजूद सभी क्वारंटा’इन  सेंट्रो में लोगों को तेज़ी से क्वारंटा’इन किया जा रहा है जिसके चलते सभी क्वारंटा’इन सेंटर भर चुके है। ऐसे में सरकार के उप्पर काफी दवा’ब है। खबर मिली है कि महाराष्ट्र में क्वारंटा’इन सेंटर को लेकर आदित्य ठाकरे और संजय राउत आमने-सामने आ गए हैं। शिव सेना के बड़े नेता संजय राउत ने वानखेड़े स्टेडियम के कुछ हिस्सों को अपने कब्जे में लेकर क्वारंटा’इन सेंटर बनाने के फैसले को मंज़ूर कर लिया है और साथ ही और ब्रेबॉर्न स्टेडियम में भी इसी प्रकार का केंद्र बनाए जाने का सुझा’व दिया।

बता दें कि महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री एवं शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने संजय राउत की इस राय का विरो’ध करते हुए कहा कि क्रिकेट मैदान की ज़मीन मिट्टी की है और वो जगह मोंसूस में इस्तेमाल करने की नहीं है। शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) को आदेश दिया कि दक्षिण मुंबई में वानखेड़े स्टेडियम के कुछ हिस्सों को उसके हवा’ले करदें ता के उन हिस्सो को कोरो’नावाय’रस से संक्र’मित लोगों के इलाज के लिए क्वारंटा’इन सेंटर बनाया जाए। बीएमसी के इस फैसले को अपनाते हुए संजय राउत ने ट्वीट किया कि “वानखेड़े स्टेडियम को अपने हाथ में लेकर क्वारंटा’इन केंद्र बनाने का फैसला अच्छा है। उद्धव ठाकरे कार्यालय को मेरा सुझाव है कि क्यों न ब्रेबोर्न स्टेडियम का इस्तेमाल भी इस काम के लिए किया जाए? इसमें आव’श्यक सुवि’धाएं हैं।”

संजय ने अपने इस ट्वीट में आदित्य और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार को भी टैग किया। संजय राउत के इस सुझाव को ठुक’राते हुए आदित्य ठाकरे ने भी ट्वीट कर के कहा कि “संजय जी, हम स्टेडियमों या खेल के मैदानों को नहीं ले सकते क्योंकि उनकी मिट्टी की जमीन होती है और वे मानसून में इस्तेमाल करने योग्य नहीं होंगे। ठोस/कंकरीट की जमीन वाला खुला स्थान ही इस्तेमाल के लायक होगा। यदि मानसून आने वाला नहीं होता, तो ये बहुत उपयोगी होते।”

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