कोरो’ना जैसी वै’श्विक महामा’री की वजह से देश की अर्थव्यवस्था उल’ट पुल’ट हो गयी है और इसने देश के सभी राज्यों को हि’ला कर रख दिया है। इससे सभी राज्यों के सं’साधन बुरी तरह प्रभा’वित हुए है। ऐसे में केंद्र ने सभी राज्यों को थोडी राहत पहुंचाने के लिए दिसम्बर 2019 से फरवरी 2020 तक का तीन महीने का जीएसटी मुअ’फ़ज़ा जारी किया है। केन्द्र सरकार की तरफ से बड़ी राहत सभी संग शासित राज्यों को केंद्र सरकार ने फरवरी 2020 तक के तीन महीने का 36,400 करोड़ रुपए का माल और जीएसटी मु’आवज़ा जारी किया है। अप्रैल नवंबर 2019 के लिए केंद्र सरकार पहले ही  1,15,096 करोड़ रुपए जारी कर चुकी है। माल और सेवा कर से केंद्र सभी राज्यों संघ शासित प्रदेशों को होने वाले किसी भी तरह के नुक’सान की भरपाई के लिए केंद्र मुआ’वजा जारी करता है।

इस दरमियान एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कोरो’ना वाय’रस की वजह से होने वाले सभी नुक’सान और उससे सभी राज्यों की अर्थ’व्यवस्था बिग’ड़ने की वजह से सभी राज्य इससे प्रभावित हुए है। इसी लिए केंद्र ने दिसम्बर 2019 से फरफरी 2020 तक तीन महीने  का मुआ’वजा राज्यों के लिए जारी किया है। बताया ये भी जा रहा है कि 2018-19 में केंद्र ने 69,275 करोड़ का मुआ’वजा जारी किया था और वही 2017-18 में 41,146 करोड़ का जीएसटी मुआव’जा राज्यों के लिए जारी किया गया। जेसे के सभी को इस बात का जानते है कि जीएसटी को एक जुलाई 2017 को लागू किया गया था और उपकर संग्रह 2019-20, 2018-19 और 2017-18 के वित्त वर्ष में क्रमश: 95,000 करोड़, 95,081 करोड़ और 62,611 करोड़ रुपये रहा था।

जब जीएसटी लागू हुई उसके शुरू के पहले दो सालों 2017-18 और 2018-19 में राज्यों में मुआ’वजे की ज़रूरत संग्रह से कम रही थी। इसके चलते जो 42,271 करोड़ रुपए का मुअफ़ज़ा था जो कि जीएसटी का उपकर था उसका इस्तेमाल नही हुआ है और जीएसटी कानू’न के तहत सभी राज्यों को एक जुलाई 2017 से जीएसटी के क्रि’यान्वयन से पहले पांच साल तक किसी भी नुक’सान की भ’रपाई की गा’रंटी दी गई है। बताया जा रहा है कि राजस्व में नुकसान की गणना साल 2015-16 के राजस्व की तुलना में जीएसटी संग्रह में हर साल में 14 प्रतिशत वृ’द्धि के अनुमान के आधार पर ही कि जाति है।

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