दामाद से दूसरी “बेटी” की भी ‘शादी’ को मज़बूर हुई “सास” ,कहा-मेरी दूसरी बेटी को भी..

June 1, 2022 by No Comments

आमना बंगलादेश की राजधानी ढाका में रहती है उनके पति कई साल पहले इन्ते’काल कर गये थे.उनके दो बेटिया हुई.आमना ने बड़े धूमधाम से अपनी बड़ी बेटी की शादी चटगांव में की थी लेकिन शादी के पाच साल बाद उनकी बड़ी बेटी इन्ते;काल फरमा गयी.अभी उनकी बेटी को दुनिया से वफात पाए कुछ महीने बीते है.

आमना को चिंता सता रही है बड़ी बेटी के जाने के बाद उसके बेटे की देखभाल कौन करेगा?और वो फिर अपने दामाद वाहिद को बुलाती है और कहती है बेटा कोई लड़की देख के आप शादी कर लो.

वाहिद मना कर देता है और कहता है वो किसी और से शादी नही कर सकता है वो अपनी बुजरी हुई बीबी को कभी नही भूल पायेगा और वो इमोशनल होकर रोने लगता है,आमना चुप कराती है.

और कहती है ठीक है जो तुम सही समझो. आमना कहती है तुम मेरे नाती को कुछ दिन के लिए यही छोड़ दो,बाद में फिर कभी उसे ले जाना,दामाद वाहिद एक दिन रुक के अगले दिन चटगांव चला जाता है.कुछ दिनों बाद वाहिद फिर लौट के आता है.

दामाद अपनी सास से कहता है अम्मी मैं दुसरा निकाह करना चाहता हूँ,आमना खुश हो जाती है और कहती है कोई लड़की देखि है.वाहिद कहता है मैं आपकी छोटी बेटी सालियाह से निकाह करना चाहता हूँ.

आमना एकदम से गुस्से में आ जाती है और कहती है आप दामाद हो लेकिन हम इसकी इजाजत नही देंगे,आपकी उम्र पैतीस साल है और मेरी बच्ची अभी उन्नीस साल की है.उसका चेहरा गुस्से से भरा हुआ था.

अपनी सास का ये रूप देखकर वाहिद डर गया और बिना रुके वापस चटगांव के लिए चला गया.आमना कि बेचैनी अब बढ़ चुकी थी और वो किसी को फ़ोन करने के लिए मोबाइल तलाश कर रही होती है कि उसे अपनी बेटी का मोबाइल दिख जाता है.

वो मोबाइल उठाती है तो उसके वाहिद का मेसेज आता है.मेसेज में लिखा था सालियाह मैंने तुम्हारी सलाह पे अम्मी से बात की थी लेकिन उन्होंने मना कर दिया अब ये रिश्ता यही ख’त्म कर देते है.

दामाद आगे ने आगे कहा है,अब मैं अम्मी के सामने कभी नजर नही मिला पाउँगा,तुम मुझे भूल जाना.अपने और मेरे सारे मेसेज डी’ली’ट जाना और मुझे भुला देना.ये सब देखने के बाद वो सारे मेसेज पढ़ती है .

यह सब देखकर आमना सदमे में चली जाती है और पूरी रात सोचती है.आमना सोचती है कि जब मेरी बेटी खुद शादी के लिए तैयार है तो वो अगर ना चाहे तो ये सही नही.कही दोनों कुछ गलत ना करले ये सब सोचकर आमना बेचै’न रहती है.

सुबह वो अपने दामाद को फोन करती है,दामाद फोन नही उठाता है उसके बाद वो अपनी समधन को फोन करती है और रिश्ते की बात कर लेती है वाहिद को जब अपनी सास के रिश्ते की पेशकश का पता चलता है तो वो अपनी सास को फ़ोन करता है.

वो अपनी सास से कहता है कि अम्मी आप ने मुझे गलत समझ लिया मैंने तो बस रिश्ता मांगा था,आप का इं’कार सर आँखों पे है मुझे लग रहा है आप ना चाहते हुए रिश्ते की बात कर रही है.

इस पर आमना कहती है हां उस समय मुझे बहुत बु’रा लगा लेकिन बाद में मैंने जब सोचा तो मैंने पाया तुम से अच्छा रिश्ता मुझे नही मिलेगा और मेरे नाती को सलियाह से अच्छी माँ नही मिल सकती है अब अगर तुमने मना किया तो मैं बु’रा मान जाउंगी.इसके बाद आमना की दूसरी लड़की का भी रिश्ता अपने दामाद से ही हो जाता है.
कहानी का नाम मज़बूरी
लेखक-एल्मा अफजाल

Leave a Comment

Your email address will not be published.