दुनियाभर में रमजान का महीना चल रहा है और लोग रोजा रख रहे हैं. इस बीच, बहरीन ने कहा है कि रमजान के दौरान जो लोग सार्वजनिक तौर पर खाते-पीते मिलेंगे उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.दुनियाभर में रमजान का महीना चल रहा है और लोग रोजा रख रहे हैं. इस बीच, बहरीन ने कहा है कि रमजान के रोजे के घंटों के दौरान जो लोग सार्वजनिक तौर पर खाते-पीते मिलेंगे, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. खाड़ी के कई देशों में रमजान के दौरान बाहर खाना-पीने पर रोक रहती है और ऐसा करना अप,राध माना जाता है.

हालांकि, दुबई ने अपने इस नियम में इस बार तब्दीली की है और रेस्टोरेंट पर परदा लगाने की अनिवा,र्यता खत्म कर दी है. बहरहाल, बहरीन में रमजान में रोजा के दौरान खुले में किसी के खाते-पीते पाए जाने पर जुर्माने के साथ एक साल तक जे,ल की सजा दी जा सकती है. यदि दिन में कोई खाना-पीना चाहता है तो उसे घर के अंदर यह सब करना होगा.

इस्लाम में पांच प्रमुख कर्तव्यों में से रमजान के दौरान रोजा रखना सभी वयस्क मुसलमानों के लिए अनिवार्य होता है. इस दौरान रोजेदार को सुबह से शाम तक खाना-पीना और धू,म्रपान से दूर रहना होता है. रमजान में रोजेदार को सुबह की सहरी के बाद शाम में इफ्तार करना होता है. रोजा रखने वाले मुसलमान सूर्यो,दय से लेकर सू,र्यास्त के दौरान कुछ भी खाते-पीते नहीं हैं. सूर्य के निकलने से पहले सहरी की जाती है, मतलब सुबह फजर की अजान से पहले खा सकते हैं. रोजेदार सहरी के बाद सू,र्यास्त तक यानी पूरा दिन कुछ न खाते और न ही पीते है. सूर्य के अस्त होने के बाद इफ्तार करते हैं.


ग,र्भवती महिलाओं को भी रोजा न रखने की छूट हासिल है. दिन में बाहर सार्वजनिक स्थानों पर न खाने-पीने की मनाही वाला नियम इन पर भी लागू होता है. इन नियम-कायदों को न मानना इस्लामिक कानूनों का उल्लंघन माना जाता है.