Mumbai : मुस्लिम समाज के प्रमुख त्योहारों में एक ईद उल अजहा जो एक 21 जुलाई को है इसको लेकर मुस्लिम समाज में बहुत उत्साह है लेकिन कोरोना की वजह से जिस तरह उत्साह मनाना चाहिए उस तरह नहीं मना सकेंगे आपको बता दें ईद उल फितर और ईद उल अजहा ऐसे दो प्रमुख त्यौहार हैं जहां मुसलमान मिलकर एक जगह नमाज अदा करता है लेकिन कोरोना की वजह से मुस्लिम धर्मगुरुओं ने अपील की है कोरोना की बीमारी को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करें।

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने अपील की है कि लोग अपने घरों ही में नमाज पढ़ने सोशल मीडिया के जरिए अपने दोस्त रिश्तेदार को बधाई दें मौलाना जहीर अब्बास रिजवी ने कहा कि सरकार द्वारा भीड़ को नियंत्रण रखने के लिए स्लाटर हाउस को खोलने की अनुमति नहीं दी है इसलिए मुस्लिम समाज के लोग अपने सुविधा के अनुसार सरकार की गाइडलाइन को पालन करते हुए ईद मनाए।

आपको बता दें सरकार ने मस्जिद Masjid और ईदगाह Eidgah जैसे सर्वजनिक स्थलों को खोलने की अनुमति नहीं दी है इसलिए मुस्लिम समाज को घरों में ही रहकर नमाज Namaz पढ़नी पड़ेगी वही मौलाना बुरहानुद्दीन कासमी Maulana Burhanuddin Qasmi ने सरकार की तरफ से जारी की गई गार्डलाइन को सख्ती से पालन करने की अपील की है उन्होंने कहा पिछली बार की तरह इस बार भी मुस्लिम समाज के लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और अपने घरों में ही ईद की नमाज का करें कोरोना वायरस को हराने के लिए सरकार और प्रशासन की मदद करें।

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